Haryana: हरियाणा के 7 जिलों में छापेमारी, नकली दूध-घी बेचने वालों पर बड़ी कार्रवाई

 
Haryana: हरियाणा के 7 जिलों में छापेमारी, नकली दूध-घी बेचने वालों पर बड़ी कार्रवाई
Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार ने मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ निर्णायक रुख अपनाते हुए दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। 

जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने साफ शब्दों में कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। राज्य में मिलावट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन हरियाणा के आयुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि दिसंबर 2025 से 20 जनवरी, 2026 तक प्रदेशभर में दूध, पनीर, देसी घी और अन्य दुग्ध उत्पादों के सैंपल लेकर सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कई नमूने असुरक्षित, अवमानक और गलत ब्रांडिंग वाले पाए गए, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

जानकारी के मुताबिक, पलवल, हिसार, नूंह, महेंद्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी और पानीपत सहित कई जिलों में छापेमारी की गई। कई जगह पनीर और देसी घी के नमूने फेल पाए जाने पर बिक्री पर रोक लगाई गई। गंभीर मामलों में दुकानों को सील किया गया और एफआईआर भी दर्ज हुई। हिसार में राधिका इंटरप्राइजिज सहित कई प्रतिष्ठानों से लिए गए देसी घी के सैंपल असुरक्षित पाए गए, जिसके बाद दुकानें सील कर कार्रवाई की गई। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, नूंह में गलत ब्रांडिंग वाले देसी घी और पनीर के मामलों में कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। महेंद्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी और पानीपत में भी देसी घी के नमूने जांच में फेल होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। डॉ. मनोज कुमार ने चेताया कि कुछ कारोबारी सोया पाउडर और रिफाइंड/वनस्पति तेल से बने उत्पादों को पनीर या घी के नाम से बेच रहे हैं, जो कानूनन अपराध है।

जानकारी के मुताबिक, नियमों के मुताबिक सोया उत्पादों को खुले में बेचना प्रतिबंधित है। दोबारा नमूना फेल होने या गलत ब्रांडिंग पाए जाने पर लाइसेंस/पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। होटल, रेस्तरां, ढाबा, कैटरर्स और खाद्य स्टॉल संचालकों को स्पष्ट नोटिस बोर्ड लगाकर यह बताना होगा कि कौन-से खाद्य पदार्थ दूध से बनी वसा में और कौन-से वनस्पति वसा में तैयार किए गए हैं। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही कच्चा माल खरीदने और उसका रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं। रेस्तरां में प्रशिक्षित खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक की नियुक्ति भी अनिवार्य होगी।