हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान अधिनियम 2026 लागू करने की तैयारी, एडीसी अर्पित संगल ने की बैठक
सिरसा | हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान पंजीकरण और विनियमन अधिनियम, 2024 तथा हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समीक्षा को लेकर सोमवार को अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल की अध्यक्षता में जिला स्तर पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रहे सभी निजी कोचिंग सेंटरों को नियमों के दायरे में लाकर पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा करना है। इससे पहले शिक्षा विभाग के एसीएस एके सिंह ने वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिले में संचालित प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान को अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। संस्थानों को अपना विवरण-पुस्तिका (प्रॉस्पेक्टस) जारी करनी होगी, जिसमें ट्यूशन फीस, फीस वापसी की नीति, बैच की समय-सीमा और क्षमता की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, विज्ञापनों में फर्जी टॉपर्स या भ्रामक दावे करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव को ध्यान में रखते हुए बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक कोचिंग संस्थान में कम से कम एक काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य होगी। इसके अतिरिक्त, संस्थानों में छात्र और छात्राओं के लिए पृथक शौचालय, अग्निशमन सुरक्षा उपकरण, प्राथमिक चिकित्सा, शुद्ध पेयजल और पर्याप्त पार्किंग स्थल जैसी बुनियादी सुविधाएं होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर एक शिकायत निवारण सेल का गठन किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है; प्रथम बार नियम तोड़ने पर 25 हजार रूपये और दूसरी बार उल्लंघन करने पर एक लाख हजार रूपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि इसके बाद भी अवहेलना जारी रहती है, तो संस्थान का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों को तय समय सीमा में नियम पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
