Haryana: हरियाणा में जूते-चप्पल की कीमतों में बढ़ोतरी, इतने बढ़े नए रेट, जाने वजह ?
मिली जानकारी के अनुसार, बहादुरगढ़ फुटवियर एसोसिएशन के महासचिव ने बताया कि जूता उद्योग में इस्तेमाल होने वाला PU, EVA और रैग्जिन जैसे कच्चे पदार्थ विदेशों से मंगवाए जाते हैं। युद्ध के कारण सप्लाई घट गई है और स्टॉकिस्टों ने इन कच्चे माल के दाम करीब 50 % तक बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के चलते उद्योगों को मजबूरी में उत्पादन कम करना पड़ रहा है और जूते-चप्पलों के दाम 10 से 20 % तक बढ़ाने पड़े हैं। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, जूता उद्योग पहले से ही MSME के 45 दिन में भुगतान की अनिवार्यता के कारण दबाव में था। अब युद्ध के चलते बने हालातों ने उद्योग की स्थिति और कमजोर कर दी है। युद्ध के असर से केवल फुटवियर उद्योग ही नहीं, बल्कि कैमीकल उद्योग भी प्रभावित हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, उद्योग जगत का मानना है कि यदि सप्लाई चेन जल्द सामान्य नहीं हुई तो महंगाई और बढ़ सकती है। महासचिव का कहना है कि जूते-चप्पलों की कीमतों में की गई 15-20 % की बढ़ोतरी मुनाफा नहीं बल्कि मजबूरी है। Haryana News
थोक बाजार में तेजी
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के करोल बाग स्थित फुटवेयर एसोसिएशन की ओर से देशभर में फुटवेयर उत्पादों की कीमतों में लगभग 10 से 15 % तक बढ़ोतरी की घोषणा की है। Haryana News
बड़ा फुटवियर हब
मिली जानकारी के अनुसार, बहादुरगढ़ में 1500 से अधिक जूता निर्माण और संबंधित इकाइयां कार्यरत हैं। यहां से करीब 700 करोड़ रुपए का निर्यात होता है। कुल मिलाकर लगभग 30 हजार करोड़ रुपए का उत्पादन होता है। जानकारी के मुताबिक, जूते-चप्पलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला लगभग 5 हजार करोड़ रुपए का कच्चा माल विदेशों से आयात करना पड़ता है।
