Haryana News: हरियाणा सरकार ने सड़कों, परिवहन, शहरी सुविधाओं और डिजिटल ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी है : राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर के बिना सतत् विकास संभव नहीं है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025-26 के दौरान 6,030 किलोमीटर सड़कों की विशेष मरम्मत का काम सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। चालू वित्त वर्ष में 68 किलोमीटर लंबी नई सड़कें भी बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने राज्य की सभी 12 फुट चौड़ी सड़कों को 18 फुट चौड़ा करने का फैसला लिया है। इस दिशा में, मार्च, 2026 तक 1,275 किलोमीटर लंबी सड़कों का काम पूरा हो जाएगा और शेष 2,225 किलोमीटर लंबी सड़कों का काम मार्च, 2027 तक पूरा हो जाएगा। सरकार का विज़न स्पष्ट है कि राज्य का हर ज़िला सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा होना चाहिए, जिससे सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि शहरी जीवन को आसान और अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए, हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड एक नई क्रांति ला रही है। वर्तमान में 10 बड़े शहर रोहतक, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी, हिसार, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पंचकूला तथा करनाल में सिटी बस सेवा उपलब्ध है और यहां 65 इको-फ्रेंडली ई-बसें सड़कों पर चल रही हैं।
परिवहन ढांचे को मज़बूत करने के लिए, पानीपत में एक इलेक्ट्रिक बस डिपो बनकर तैयार हो गया है और यमुनानगर-जगाधरी में आगामी 31 मार्च, 2026 तक डिपो बनकर तैयार हो जाएगा। इसके अलावा, गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे महानगरों और 10 अन्य शहरों के लिए 650 स्टैंडर्ड फ्लोर AC बसें शुरू की जा रही हैं, जो शहरी परिवहन को नई परिभाषा देगा।
राज्यपाल ने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए 11,607 करोड़ रुपये की लागत का ‘हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर’ गेम-चेंजर साबित होगा। इसका प्राथमिक सेक्शन, पातली-मानेसर, माल गाड़ियों के लिए खोला जा चुका है और पूरे प्रोजेक्ट को जून, 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। साथ ही, हम सड़कों पर सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए लेवल क्रॉसिंग खत्म कर रहे हैं। अब तक विभिन्न रेलवे ट्रैक्स पर 100 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) बनाए जा चुके हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि हवाई क्षेत्र में हिसार एक मुख्य हब बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल, 2025 को हिसार-अयोध्या-हिसार रूट पर उड़ान सेवा का औपचारिक उद्घाटन किया था। यह सरकार की आस्था और विकास के संगम को प्रदर्शित करता है। अब तक लगभग 4,000 श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा कर चुके हैं। हिसार एयरपोर्ट से चंडीगढ़ और जयपुर के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं।
ग्रामीण विकास: गांवों से विकास की धारा
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने राज्य में ग्रामीण विकास के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हरियाणा के गांव इसकी आत्मा हैं। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण विकास को केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सम्मानजनक जीवन स्तर को लक्ष्य बनाया है। डिजिटल सेवाओं को गांवों तक पहुंचाकर प्रशासन को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। पंचायतों को सशक्त बनाकर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी है।
उन्होंने बताया कि भारतनेट विस्तार प्रोजेक्ट के माध्यम से सभी 6,222 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जा रहा है। लगभग 82 प्रतिशत पंचायतों में कनेक्टिविटी पहले ही स्थापित हो चुकी है, जिससे राजकीय विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस स्टेशन डिजिटल मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। जल जीवन मिशन के तहत, हरियाणा हर ग्रामीण घर में नल के पानी का कनेक्शन देने वाले अग्रणी राज्यों में से एक है। महाग्राम योजना के तहत, ग्रामीण इलाकों में शहरी स्तर की सुविधाएं देने की कोशिशें चल रही हैं। इसके तहत, 19 गांवों में परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं और 43 गांवों में कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि गांवों में सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए, सरकार ने 983 अटल लाइब्रेरी, 415 इन्डोर जिम और 616 महिला सांस्कृतिक केंद्र बनाए हैं। सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए 830 गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और 283 करोड़ रुपये की लागत से गांवों के कच्चे रास्तों को पक्का किया गया है।
राज्यपाल ने बताया कि सभी विधायकों की सिफारिश पर, इस वित्त वर्ष में अब तक 963 करोड़ 40 लाख रुपये की नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्रीय विकास में और तेजी आएगी। अमृत सरोवर योजना के तहत, 724 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है, जिससे भू-जलस्तर को बेहतर बनाने में मदद मिली है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत हर गांव को ODF-प्लस मॉडल में बदलने की कोशिश की जा रही है, जिसमें हज़ारों सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स पहले ही पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए विकसित भारत-गारंटी लागू करने और 125 दिन प्रतिवर्ष की मज़दूरी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे गांव के गरीबों के लिए रोज़गार की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
