Haryana News: हरियाणा में सरकार खोलेगी 26 आयुष औषद्यालय, देखें कहां कहां खोले जाएंगे, पूरी लिस्ट देखिये
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही 3.0 केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पेश किया गया दूसरा बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह उस भारत की तस्वीर पेश करता है जो आत्मनिर्भर है, प्रतिस्पर्धी है और सामाजिक रूप से संवेदनशील भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट ‘विकास भी, विश्वास भी’ के सिद्धांत पर आधारित है और हरियाणा जैसे अग्रणी राज्य के लिए इसमें अपार अवसर निहित हैं।
मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा निवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान केंद्रीय बजट 2026–27 की भावना, दिशा और उसके महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपनी बात रखते हुए केंद्र सरकार के बजट का हरियाणा पर पड़ने वाले प्रत्यक्ष प्रभावों को भी बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह बजट उस भारत की सोच को दर्शाता है, जहां विकास का मतलब केवल बड़े शहर नहीं, बल्कि गांव, किसान, महिला, युवा और श्रमिक भी हैं। जहां, अर्थव्यवस्था मजबूत हो, लेकिन समाज का अंतिम व्यक्ति भी सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।
उन्होंने कहा कि इस बजट में विकसित भारत के स्तंभ गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखा गया है। और यही प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में हमारी विकास नीति का भी मूल मंत्र है। इस बजट का मूल उद्देश्य है, संदेह के स्थान पर एक्शन, दिखावे के स्थान पर सुधार और लोक-लुभावन घोषणाओं के स्थान पर जनहित को प्राथमिकता। सरकार ने इस बजट में लगभग 7 प्रतिशत की उच्च आर्थिक विकास दर को लक्ष्य बनाते हुए राजकोषीय अनुशासन और सामाजिक न्याय, दोनों के बीच संतुलन साधा है।
12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया पूंजीगत व्यय
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेश किए गए बजट में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को लगभग 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है। यह निवेश सड़कों, रेल, शहरी अवसंरचना, औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगा। इसका सीधा लाभ हरियाणा को मिलेगा, क्योंकि हमारा राज्य दिल्ली-एनसीआर, औद्योगिक गलियारों और राष्ट्रीय राजमार्गों का केंद्र है। इस निवेश से न केवल विकास कार्य तेज़ होंगे, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
युवाओं के लिए विशेष योजना बनाई गई है
उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए क्या है? इस पर बड़ी चर्चा हो रही है। केंद्र सरकार हमारे युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी मानती है। युवा कौशल विकास व शिक्षा क्षेत्र के लिए 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देश के 1 लाख 50 हजार से अधिक युवाओं को नई उम्र की स्किल्स का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसलिए, केंद्रीय बजट में कौशल विकास, रोजगार और भविष्य की तकनीकों के लिए 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है। इसका सीधा लाभ गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और रोहतक जैसे शैक्षणिक व तकनीकी केंद्रों को मिलेगा, जहां हमारे युवा विश्व-स्तरीय अति-आधुनिक कौशल सीखकर उच्च-आय रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए भी 7,500 करोड़ रुपये के प्रावधान से हरियाणा का स्टार्टअप इकोसिस्टम और मजबूत होगा। इससे प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और हमारा युवा रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनेगा। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा भारत में स्टार्टअप की संख्या में चौथे बड़े राज्य के रूप में उभरा है। वर्तमान में, हरियाणा में 9,100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं। प्रदेश में 19 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। इसके अलावा, 250 से अधिक फॉर्च्यून-500 कंपनियां भी यहां हैं।
उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक खुशी की बात यह है कि लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाएं चला रही हैं। प्रदेश सरकार ने ने अगले चरण में स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। यही नहीं, सरकार नीति आयोग के साथ मिलकर ‘विमेन आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म’ का एक ‘स्टेट चैप्टर’ स्थापित कर रहे हैं। इससे महिला उद्यमियों को 700 से अधिक मेंटर्स, विशेष प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच और इन्क्यूबेशन सहयोग प्राप्त होगा। सरकार ने हरियाणा में ‘हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022’ लागू की है। प्रदेश सरकार स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स स्थापित करवाने जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता’ को जोड़ने के लिए उच्चस्तरीय स्थायी समिति का गठन किया गया है। डिजिटल और क्रिएटिव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए देशभर के 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी (AVGC) कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी। आईटी सेवाओं के क्षेत्र में सुरक्षित मार्जिन सीमा को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये किया गया है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में ‘खेलो इंडिया मिशन’ को एकीकृत प्रतिभा विकास मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक खेल अवसंरचना और तकनीक का समावेश होगा। हरियाणा की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है और यह बजट इस युवा शक्ति को शिक्षा, कौशल, तकनीक और रोजगार से जोड़ने का स्पष्ट रोडमैप देता है। महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए यह बजट सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण का बजट है। सरकार ने महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र में लाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक स्तर पर उद्यमिता हाट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए लगभग 8 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, पोषण और आय-सहायता योजनाओं के लिए 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है।
कृषि को लेकर भी उठाये गए हैं विशेष कदम:
उन्होंने कहा कि कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण उद्यमिता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए वित्तीय और संस्थागत समर्थन दिया जा रहा है। हरियाणा में स्वयं सहायता समूहों व महिला उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रत्येक जिले में उच्च शिक्षा के STEM संस्थानों में महिला छात्रावासों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। यह प्रयास दर्शाता है कि प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए भी बड़ा अवसर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में यह बजट हरियाणा के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है। बायोफार्मा शक्ति पहल के अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये व मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का समर्थन दिया गया है। ऐसे में गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और करनाल जैसे क्षेत्रों में फार्मा क्लस्टर, मेडिकल कॉलेज और आधुनिक अस्पतालों को नई गति मिलेगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित होंगे। इनके साथ ही, स्वास्थ्य और देखभाल क्षेत्र में 1 लाख 50 हजार बहु-कुशल केयर गिवर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी। इससे गुरुग्राम, रोहतक, करनाल और हिसार जैसे शहरों में स्वास्थ्य…
