Haryana News: रेलूराम पूनियां के बेटी बोली- मैं निर्दोष हूं, पति ने जन्मदिन पर शराब पिलाई और फिर Property के लिए सबको मारा

 
haryana news
 Haryana News: हरियाणा के हिसार में 25 साल पहले हुए रेलूराम पूनियां हत्याकांड में पहली बार बेटी सोनिया का पक्ष सामने आया है। सोनिया इस हत्याकांड में दोषी साबित हो चुकी है। सोनिया अपने पति संजीव के साथ करनाल जेल में बंद थी। हालांकि 9 दिसंबर 2025 को जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आ गई।

जेल से बाहर आने के बाद सोनिया ने एक Youtube चैनल को इंटरव्यू दिया। सोनिया ने बताया कि 23 अगस्त 2001 को मेरा जन्मदिन था। इस दिन संजीव ने मुझे शराब पिलाई। उसने कुछ मिलाया था, ताकि मुझे होश नहीं आए। जब होश आया तो वह भाई से लड़ाई होने की बात कहकर चुपचाप घर से ले गया। अगले दिन कार में बैठाकर जहर देने का प्रयास किया, लेकिन मैं बच गई। वापस घर आई तो सभी की लाशें पड़ी हुई थी।

सोनिया ने कहा कि मुझे संपत्ति का कोई लालच नहीं था। पति संजीव ने सभी 8 लोगों का मर्डर किया। मुझ पर पिता को खीर में जहर देने के आरोप लगे, जोकि गलत थे। मैनें किसी को जहर नहीं दिया। मैं निर्दोष हूं।

15 साल की उम्र में प्यार हुआ

सोनिया ने बताया कि शादी मेरी जिंदगी का सबसे गलत फैसला था। जब मैं 15 साल 4 महीने की थी तब मैं ताइक्वांडो की प्लेयर थी। तब मैं संजीव से मिली। तब मैं टीन एज में थी। उसी दौरान मेरे मम्मी पापा के पास नहीं मेरे लिए टाइम नहीं था। मैं और मेरी बहन हॉस्टल में थी और वो बी अलग-अलग हॉस्टल में थे। दिन के समय ही हम मिल पाते थे। कोई मैंटली सहारा नहीं था। मुझे उससे प्यार हुआ। मैंने शादी कर ली। मम्मी ने सब अरेंज किया। संजीव 10 साल बड़े थे और यूपी के थे।

पापा शराब पीकर गोलियां चला देते थे
सोनिया का कहना है कि जब से होश संभाला है तब से मैंने देखा है कि मेरे पापा मेरी मम्मी को शराब पीकर गालियां देते थे और बेरहमी से पीटते थे। जब छोटी थी तब से लड़ाई छुड़वाती थी। पापा हमें भी गालियां देते थे।


आज भी कोठी में निशान हैं। बंदूक के बट से पीटते थे। हॉस्टल से घर जाने का मन नहीं करता था। मैं विद्या देवी जिंदल स्कूल में पढ़ती थी। मैं और मम्मी खेत में छिप जाते थे, कहीं मार ना पड़े। तब मैं संजीव से मिली।