Haryana News: हरियाणा बना निवेशकों की पहली पसंद, यहां शुरु होगा मारुति सुजुकी की नई यूनिट का उत्पादन
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन सदन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा अब वैश्विक और घरेलू निवेशकों के लिए एक पसंदीदा केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। राज्यपाल ने कहा कि निवेशक-अनुकूल नीतियों, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, मजबूत आधारभूत ढांचे और नीतिगत पारदर्शिता के कारण हरियाणा निवेश के लिए विश्वसनीय गंतव्य बनता जा रहा है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को मूल कार्य संस्कृति के रूप में अपनाया है। इससे सरकार नया निवेश लाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सफल हुई है।
राज्य ने 2.75 लाख करोड़ रुपये के कुल निर्यात और 1,61,707 करोड़ रुपये के माल निर्यात (मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट) के साथ नया एक्सपोर्ट बेंचमार्क बनाया प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा निवेशकों के लिए एक पसंदीदा स्थल के रूप में उभरा है। जैसे-जैसे ग्लोबल सप्लाई चेन निरंतर विकसित हो रही है, राज्य का एनसीआर क्षेत्र एक बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित हो रहा है। वर्ष 2023-24 में, राज्य का कुल निर्यात 2.75 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को छू गया है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2024-25 में, राज्य से हमारे माल निर्यात (मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट) ने 1 लाख 61 हजार 707 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को छूआ है, जो पिछले साल से 10.62 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
हरियाणा की प्रगति रैंकिंग से आगे बढ़ गई है
हरियाणा की प्रगति रैंकिंग से कहीं आगे बढ़कर है। इस सम्मानित सदन ने 22 दिसंबर, 2025 को जन- विश्वास बिल-2025 पास करके इतिहास रचा है, जिससे 42 राज्य कानूनों के 164 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है। इससे उद्यमियों में भरोसा और गहरा हुआ है। राज्य सरकार ने प्रमाणन, लाइसेंस और अनुमोदन प्रक्रियाओं में देरी करने वाले पुराने और जटिल नियमों को समाप्त कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ के लिए सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया है।
राज्यपाल ने बताया कि ऑटो-सीएलयू अनुमोदन, दस्तावेजीकरण की सरल प्रक्रिया तथा फायर एनओसी के लिए स्व-प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाओं से प्रक्रियाएं सरल हुई हैं। श्रम सुधारों के तहत दुकानों के कार्य-घंटों का विस्तार किया गया है तथा महिलाओं को कड़े सुरक्षा प्रावधानों के साथ रात्रि पाली में कार्य करने की अनुमति दी गई है।
मारुति सुज़ुकी की नई 6,000 करोड़ रुपये की यूनिट का उत्पादन अप्रैल 2026 में खरखौदा में शुरू होगा
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि चालू वित्त वर्ष राज्य में मेगा प्रोजेक्ट्स में महत्त्वपूर्ण निवेश का साक्षी रहा है। मारुति सुज़ुकी ने फरवरी, 2025 में आईएमटी खरखौदा में 9,413 करोड़ रुपये के निवेश के साथ वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया तथा एक नई इकाई में भी 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो अप्रैल, 2026 में उत्पादन शुरू करेगी। आईएमटी सोहना में एटीएल बैटरी टेक्नोलॉजी द्वारा दुनिया की सबसे बड़ी लिथियम-आयन बैटरी यूनिट की पहली इकाई में, सितंबर, 2025 में 3,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ उत्पादन शुरू किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि स्टेट मिनी क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीम के तहत कॉमन फैसिलिटी केंद्र (सीएफसी) बनाने के लिए 49 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 32 कॉमन फैसिलिटी केंद्र अब चालू हैं और 17 पर काम चल रहा है। ‘पदमा’ नीति के तहत हर ब्लॉक के लिए एक खास उत्पाद की पहचान की गई है। पिछले बजट में ‘पदमा’ नीति के तहत घोषित सभी 10 नए क्लस्टर को स्वीकृति मिल गई है।
