Haryana News: हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, इन बच्चों को मिलेंगे 8 हजार रुपये
सीएम सैनी ने जून 2025 में हुई कैबिनेट बैठक में युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप योजना को मंजूरी दे दी थी। इसके एक साल बाद विभाग ने इसका नोटिफिकेशन जारी किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनावों से पहले जारी अपने संकल्प पत्र में वादा किया था।हरियाणा पर्यटन गाइड
2019-20 के बाद बढ़ोतरी
पहले ये स्कॉलरशिप सेना के शहीद सैनिकों के बच्चों को मिलती थी। साल 2006-07 में पूर्व सैनिकों के बच्चों को टेक्निकल और व्यवसायिक शिक्षा के लिए पीएम स्कॉलरशिप योजना शुरु की गई थी। इसमें लड़कों को 2 हजार रुपये और लड़कियों को 2250 रुपये हर महीने मिलती थी। इस छात्रवृत्ति को 2019-20 में बढ़ाकर 2500 रुपए और 3000 रुपए प्रति माह कर दिया गया था।
96000 रुपए साल का भी प्रावधान
नोटिफिकेशन के मुताबिक कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों को हर साल 60 हजार रुपये मिलेंगे, जबकि स्नातकोत्तर छात्रों को सालाना 72 हजार रुपये मिलेंगे। स्नातकोत्तर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति राशि हर वर्ष 96,000 रुपए निर्धारित की गई है।
युद्ध हताहत-परिचालन हताहत का अर्थ किसी भी अभियान या किसी निर्दिष्ट अभियान क्षेत्र में रक्षा/अर्धसैनिक कर्मियों की मृत्यु की घोषणा है, जिसमें सशस्त्र बलों या अर्धसैनिक बल का कोई सदस्य वास्तविक आधिकारिक कर्तव्यों के पालन के दौरान शहीद हो जाता है।"
नोटिफिकेशन में आगे क्या…
इसमें आगे कहा गया है कि आधिकारिक कर्तव्य परिचालन क्षेत्रों में होने चाहिए, जिनमें युद्ध, आईईडी विस्फोट, आतंकवादी हमले, सीमा झड़पें, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना, हृदय गति रुकना, हवाई दुर्घटना, समुद्र में मृत्यु, आंतरिक सुरक्षा कर्तव्य, प्राकृतिक आपदाएं और बचाव अभियान शामिल हैं, जिनके लिए असाधारण साहस और निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता होती है।
हरियाणा निवासी होना जरूरी
पॉलिसी में कहा गया है कि मृतक कर्मचारी की सेवा में शामिल होने के समय हरियाणा का निवासी होना चाहिए, उनका वर्तमान आवासीय पता कुछ भी हो। नोटिफिकेश में कहा गया है "यदि केंद्रीय सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों की तैनाती की वजह से सेवा में शामिल होने के समय कर्मचारी का पता अस्थायी था, तो निवास स्थान का निर्धारण उनके पिता के स्थायी घर के पते के आधार पर किया जाएगा।"
इसलिए शुरू की ये योजना
इस योजना के उद्देश्य पर सरकार ने जोर देते हुए कहा कि इसका प्राथमिक लक्ष्य सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के शहीदों और युद्ध या अभियान में हताहत हुए सैनिकों के बच्चों की शिक्षा में मदद करना है। सरकार ने बताया कि यह स्कॉलरशिप तब भी पात्र होगी जब शहीद या हताहत के परिवार का एक या अधिक सदस्य सेवा में हो।
कौन होंगे पात्र
रक्षा मंत्रालय के अधीन सभी सशस्त्र बल, जिनमें सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल शामिल हैं, इस योजना के अंतर्गत आएंगे। पात्र सशस्त्र बल बलों में गृह मंत्रालय के अधीन बल जैसे असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और सशस्त्र सीमा बल शामिल हैं।
