Haryana News: हरियाणा में ड्रग कंट्रोलर बर्खास्त, इस वजह से लिया गया एक्शन

जानकारी के मुताबिक, रिश्वत मामले में एंट्री करप्शन ब्यूरो हिसार की टीम ने तरुण भारद्वाज पर 15 मई को ही एफआईआर की थी। स्वास्थ्य विभाग के ACS सुधीर राजपाल ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
बताया जा रहा है कि मई महीने में गांव रानीला स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक बिना लाइसेंस स्टोर चला रहा था। तरुण भारद्वाज ने उसे सील करने की धमकी दी और उसे बंद कर चाबी अपने साथ ले अगया था। इसके बाद तरुण भारद्वाज का दलाल साहिल सेटिंग करने विकास के पास पहुंचा और बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलाने के नाम पर एक लाख रिश्वत मांगी। उसी दौरान उसे 70 हजार रुपए दे दिए। अब 30 हजार रुपये और मांगे तो शिकायतकर्ता ने यह बात ACB को बता दी। इस दौरान मुख्य दलाल साहिल ने कहा वह बाहर है और यह रूपये दादरी रेलवे रोड दुकानदार अभिमन्यु को दे दो। रिश्वत के रुपये लेते ही दलाल अभिमन्यु और इसके बाद ड्रग्स इंस्पेक्टर तरुण भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि ड्रग्स इंस्पेक्टर तरुण भारद्वाज करीब डेढ़ साल पहले ही भर्ती हुआ था। वहीं तीन चार दिन बाद एसीबी ने मुख्य दलाल गांव बेरला निवासी साहिल को भी गिरफ्तार कर लिया था।