Haryana News: हरियाणा में सड़क दुर्घटना पीड़ित की मुआवजा राशि बढ़ाई, HC के आदेश
इसके साथ ही इस बढ़ी हुई राशि पर याचिका दायर करने की तिथि से भुगतान तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने के निर्देश दिए गए हैं।
बेबी कौशल ने यमुनानगर के जगाधरी स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के 27 फरवरी 2010 के फैसले को चुनौती दी थी। न्यायाधिकरण ने दुर्घटना में लगी चोटों के लिए मात्र 34,400 रुपये का मुआवजा निर्धारित किया था जिसे अपीलकर्ता ने कम बताया था। याची की ओर से दलील दी गई कि दुर्घटना में गंभीर चोटें आई थीं और उपचार पर काफी खर्च हुआ था लेकिन न्यायाधिकरण ने इन पहलुओं का समुचित मूल्यांकन नहीं किया।
हाईकोर्ट ने कहा कि व्यक्तिगत चोटों के मामलों में मुआवजा तय करते समय न्यायालय का उद्देश्य पीड़ित को यथासंभव पूर्ण और उचित क्षतिपूर्ति प्रदान करना होना चाहिए। अदालत ने कहा कि दुर्घटना से उत्पन्न शारीरिक पीड़ा, उपचार खर्च और जीवन पर पड़े प्रभाव को ध्यान में रखते हुए न्यायोचित मुआवजा निर्धारित करना आवश्यक है। रिकॉर्ड और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि न्यायाधिकरण द्वारा तय की गई राशि पीड़ित को हुए नुकसान के अनुपात में काफी कम है।
इसलिए न्याय के हित में मुआवजे की राशि बढ़ाना उचित होगा। अदालत ने एकमुश्त तीन लाख रुपये की अतिरिक्त राशि देने का आदेश देते हुए कहा कि इससे पीड़ित को हुई क्षति की आंशिक भरपाई हो सकेगी। हाईकोर्ट ने दुर्घटना में शामिल वाहन के चालक और मालिक को संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए निर्देश दिया कि वे दो महीने के भीतर बढ़ी हुई मुआवजा राशि ब्याज सहित संबंधित न्यायाधिकरण में जमा कराएं।
