Haryana: हरियाणा में 2 हजार करोड़ रुपये बनेगी नई गुरुग्राम नहर, जल्द पूरा होगा काम
मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में नहर की स्थिति काफी जर्जर बताई जा रही है। अभी इसमें 100 से 110 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा है, क्योंकि अधिक पानी प्रवाहित करने पर संरचना को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। नई योजना के तहत पूरी नहर में बड़े आकार के पाइप डाले जाएंगे, जिससे इसकी क्षमता बढ़कर 653 क्यूसेक तक पहुंच जाएगी। इनमें से 231 क्यूसेक पानी बसई जल शोधन संयंत्र को उपलब्ध कराया जाएगा। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना का लाभ केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फर्रुखनगर, पटौदी, हेलीमंडी, सोहना और झज्जर क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी। परियोजना के लिए सिंचाई विभाग ने GMDA से 702 करोड़ रुपये के वित्तीय सहयोग का अनुरोध किया है। विभाग का लक्ष्य है कि 2028 के अंत तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, शुरुआत में नहर को कंक्रीट बॉक्स संरचना में बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में राज्य सरकार के निर्देश पर बड़े पाइप बिछाने की योजना को अंतिम रूप दिया गया। पाइपलाइन प्रणाली लागू होने के बाद अवैध कनेक्शन और पानी चोरी की समस्या पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। फिलहाल झज्जर क्षेत्र में नहर से पाइप डालकर अवैध रूप से पानी निकालने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिसके कारण गर्मियों में गुरुग्राम में जल संकट गहराता है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, नहर के पुनर्निर्माण के दौरान पानी की आपूर्ति NCR नहर के माध्यम से जारी रहेगी। वर्तमान में गुरुग्राम को कुल 245 क्यूसेक पानी मिल रहा है, जिसमें 110 क्यूसेक गुरुग्राम नहर और 135 क्यूसेक NCR नहर से आता है। हालांकि NCR नहर की स्थिति भी बेहतर नहीं बताई जा रही है। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, GMDA के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा के अनुसार नहर के नए सिरे से निर्माण के बाद शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो जाएगी।
