Haryana: हरियाणा की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सरकार की नई नियुक्ति, देखें किन्हें मिली बड़ी जिम्मेदारी?
आतंकी कनेक्शन के बाद सख्त कार्रवाई
सरकार का यह कदम उस समय सामने आया जब दिल्ली में हुए लाल किला ब्लास्ट मामले में यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ डॉक्टरों के नाम सामने आए। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी डॉक्टर उमर नबी इसी यूनिवर्सिटी में कार्यरत था। इसके अलावा डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद को भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया है।
कानून में बदलाव के बाद सरकार को मिला अधिकार
हरियाणा सरकार ने 2025 में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज संशोधन विधेयक पास कर निजी विश्वविद्यालयों के प्रबंधन को अपने नियंत्रण में लेने का अधिकार हासिल किया था। इसी प्रावधान के तहत यह कार्रवाई की गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर फैसला
यूनिवर्सिटी में अनियमितताओं और संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह निर्णय लिया गया। जांच की जिम्मेदारी IAS अधिकारी श्यामल मिश्रा को सौंपी गई थी, जिनकी रिपोर्ट में कई खामियां सामने आईं।
नए प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति
प्रशासक अमित अग्रवाल ने कार्यभार संभालते ही कई अहम नियुक्तियां की हैं। जेसी बोस यूनिवर्सिटी से जुड़े अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
डॉ. अजय रंगा – उप कुलपति
डॉ. राजीव कुमार सिंह – परीक्षा नियंत्रक
रवि कुमार शर्मा – मुख्य वित्त अधिकारी
डॉ. मेहा शर्मा – रजिस्ट्रार
छात्रों के लिए राहत की खबर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यूनिवर्सिटी की पढ़ाई और फैकल्टी में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। करीब 1700 छात्रों की पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी, केवल प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन सरकार के अधीन रहेगा।
