Haryana: नगर निगमों के फर्जी FD घोटालों में बड़ी कार्रवाई, CFO नलिनी मलिक व EO कौशिक गिरफ्तार

 
Haryana: नगर निगमों के फर्जी FD घोटालों में बड़ी कार्रवाई, CFO नलिनी मलिक व EO कौशिक गिरफ्तार
चंडीगढ़/पंचकूला: हरियाणा-चंडीगढ़ क्षेत्र में नगर निगमों से जुड़े फर्जी एफडी और गबन मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसियों ने दो अहम गिरफ्तारियां की हैं।

चंडीगढ़ के 116 करोड़ रुपये के फर्जी एफडी घोटाले में स्मार्ट सिटी परियोजना की मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) नलिनी मलिक को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया गया है, जबकि पंचकूला के 160 करोड़ रुपये के गबन मामले में कालका नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (EO) विकास कौशिक को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दबोचा है। चंडीगढ़ में आर्थिक अपराध शाखा ने नलिनी मलिक को मोहाली स्थित आवास से गिरफ्तार किया। वह घोटाला सामने आने के बाद से फरार चल रही थीं।

जांच में सामने आया कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े फर्जी एफडी दस्तावेज तैयार कर करीब 116 करोड़ रुपये का गबन किया गया। नलिनी पर इस राशि में से लगभग 50 करोड़ रुपये लेने के आरोप हैं। पुलिस ने उसे जिला अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। 

जांच एजेंसियों के अनुसार, बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रिभव ऋषि, नलिनी मलिक और क्रेस्ट के परियोजना निदेशक सुखविंदर सिंह ने मिलकर शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी निवेश दस्तावेज तैयार किए। इस मामले में बैंक के अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस पहले ही सुखविंदर सिंह और लेखाकार साहिल कुक्कर को गिरफ्तार कर चुकी है।

: 116 और 160 करोड़ रुपये के घोटालों में कसा शिकंजा

: शेल कंपनियां, फर्जी खाते और बैंक मिलीभगत से हुआ गबन

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुलवाए खाते

पंचकूला के 160 करोड़ रुपये के घोटाले में ACB ने विकास कौशिक को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि उसने सेक्टर-11 स्थित एक निजी बैंक में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम के नाम पर खाते खुलवाए और जाली हस्ताक्षर व मोहरों का इस्तेमाल किया। 

इन खातों के जरिए फर्जी RTGS, NEFT के माध्यम से करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। आरोप है कि रकम पहले फर्जी खातों में डाली गई और बाद में विभिन्न व्यक्तियों के खातों के जरिए बिल्डरों तक पहुंचाई गई।