हरियाणा में नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए सख्ती, सिंचाई मंत्री ने दिए ये सख्त निर्देश

 
हरियाणा में नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए सख्ती, सिंचाई मंत्री ने दिए ये सख्त निर्देश 

चंडीगढ़, 4 नवंबर - हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चालू रबी सीजन के दौरान प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का समुचित प्रबंध किया जाए ताकि फसलों की बिजाई प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में  पानी की सीमित उपलब्धता के बावजूद राज्य सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि हर क्षेत्र के किसानों को उनके हक का पूरा पानी मिले। इसके लिए वितरण प्रणाली की समीक्षा के साथ-साथ नहरी पानी की निरंतर निगरानी भी की जा रही है।

वे आज यहां के पानी की आपूर्ति को लेकर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक मे बाढ़ नियंतत्रण उपायों के साथ-साथ वन विभाग से संबंधित स्वीकृतियों, भूमि की निशानदेही तथा पंपों की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल भी बैठक में मौजूद रहे।

श्रीमती श्रुति चौधरी ने निर्देश दिए कि पानी के आवंटन से संबंधित पुराने रिकॉर्ड, निर्धारित मानदंडों का आकलन किया जाए और समय-समय पर पानी की उपलब्धता, सिंचित क्षेत्र और किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार इसकी समीक्षा भी की जाए। उन्होंने कहा की नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए लोगों को जागरुक किया जाए और इस मुहिम में जन भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए।

सिंचाई मंत्री ने कहा कि वन संबंधी स्वीकृतियों के चलते विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए। इसी प्रकार, सिंचाई परियोजनाओं एवं पंपिंग व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

वाईडब्ल्यूएस (यमुना वाटर सर्विसेज) सर्कल में पंपों के मुद्दे पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंपों की वास्तविक आवश्यकता का आकलन कर उनकी खरीद, मरम्मत अथवा उपलब्धता से संबंधित प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बैठक में इंजीनियर-इन-चीफ श्री राकेश चौहान समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।