Haryana: हरियाणा में दिव्यांग कर्मचारियों को 58 की उम्र में रिटायरमेंट पर भड़की इनेलो, बताया कर्मचारी विरोधी फैसला
इंडियन नेशनल लोकदल भाजपा सरकार के इस दिव्यांग विरोधी फैसले की कड़ी निंदा करता है। भाजपा सरकार यह दिव्यांग विरोधी फैसला तुरंत वापिस ले।
होना तो यह चाहिए था कि भाजपा सरकार दिव्यांगजनों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें और सुविधाएं प्रदान करती। लेकिन बजाय दिव्यांगजनों को अतिरिक्त सुविधाएं देने के जो उनका हक है वही छिन रही है। ऐसे ही जानबूझकर आय को जोड़ कर बुजुर्गों की सम्मान पेंशन काटी जा रही है।
बुजुर्गों को चौधरी देवीलाल ने आय देखकर पेंशन शुरू नहीं की थी बल्कि बुजुर्गों को सम्मान देने के लिए पेंशन शुरू की थी। विभिन्न विभागों में एक लाख से ऊपर स्वीकृत नियमित पद खाली पड़े हैं। बजाय उन पदों को नियमित रूप से भरने के हरियाणा के योग्य युवाओं को ठेके पर रखा जा रहा है।
हरियाणा के मेधावी युवाओं को साजिश के तहत नियमित सरकारी नौकरियों से वंचित कर रही है और बाहर के प्रदेशों के संघ से जुड़े लोगों को बड़े सरकारी पदों पर नियमित भर्ती कर रही है।
भाजपा सरकार पूरी तरह से फेल सरकार है जो हरियाणा को विनाश की तरफ धकेल रही है। आज दिव्यांग, बुजुर्ग, महिला, युवा, किसान, कमेरा और छोटा व्यापारी समेत सभी भाजपा सरकार से दुखी हैं। भाजपा की जनविरोधी नीतियों के कारण प्रदेश की जनता 2029 में सत्ता से बेदखल कर देगी। वहीं 2029 में इनेलो की सरकार बनने पर हरियाणा के सभी वर्गों का बिना किसी भेदभाव के समान विकास किया जाएगा।
