Haryana: हरियाणा में बिजली निगम ने कांग्रेस नेता को भेजा ₹78 करोड़ बिल, मैसेज देख उड़ गए होश 

 
Haryana: हरियाणा में बिजली निगम ने कांग्रेस नेता को भेजा ₹78 करोड़ बिल, मैसेज देख उड़ गए होश 
Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के नारनौल में DHBVN बिजली निगम ने गांव हसनपुर से यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान पुनीत बुलाना के घर का 78 करोड़ 92 लाख रुपए का बिजली बिल भेज दिया। मोबाइल पर इस बिल का मैसेज देखा तो उनके होश उड़ गए।

जानकारी के मुताबिक, यह कनेक्शन उनकी मां बिमला देवी के नाम पर है। सबसे खास बात यह है कि निगम की ओर से जारी बिल में अप्रैल 2026 की बिलिंग अवधि दिखाई गई है, जबकि मीटर रीडिंग मात्र 6 दिनों की बताई गई है। बिल में बिल्ड यूनिट्स 9,99,99,429 दर्शाई गई है, जो किसी भी उपभोक्ता के लिए असंभव जैसा है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, मैसेज आने के बाद वे तुरंत DHBVN के दफ्तर पहुंचे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह बिल जानबूझकर भेज गया है। उनकी एक छोटी से आटा चक्की है, जो 2 साल से बंद पड़ी है। 

बिल में दर्ज आंकड़ों के अनुसार कुल देय राशि ₹78,92,75,697 है। इसमें एनर्जी चार्जेस ₹71,69,95,908 और म्युनिसिपल टैक्स ₹1,52,79,316 दर्शाया गया है। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता शिवराज सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। बिल में हुई गड़बड़ी को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है।

बिजली बिल....

Electricity Corporation in Haryana sent a bill of ₹78 crore to a Congress leader

पुनीत के अनुसार, इससे पहले उनका बिजली बिल सामान्य आता रहा है। मार्च माह में उन्होंने लगभग ₹63,546 का भुगतान किया था, लेकिन इस बार अचानक करोड़ों रुपए का बिल आने से परेशान हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, बिल भरने की तारीख 8 अप्रैल है और समय पर भुगतान नहीं करने पर सरचार्ज लगने से यह राशि 80 करोड़ रुपए से भी अधिक हो सकती है। Haryana News

ठीक बिल

मिली जानकारी के अनुसार, बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और बिल में हुई गड़बड़ी को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। 

गड़बड़ी का शक

जानकारी के मुताबिक, प्रारंभिक तौर पर यह मामला सॉफ्टवेयर की तकनीकी गड़बड़ी या डेटा एंट्री में हुई मानवीय गलती हो सकती है। हालांकि अभी तक विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। Haryana News

आमतौर पर ऐसे मामलों में निगम बिल को रद्द कर संशोधित बिल जारी करता है, लेकिन इतने बड़े आंकड़े के सार्वजनिक होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।