Haryana: हरियाणा में क्लास 1 में दाखिले के बदले नियम, अब न्यूनतम आयु 6 साल अनिवार्य
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बदले नियम
यह बदलाव दिविशा यादव बनाम हरियाणा राज्य मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि राज्य सरकार का प्रवेश मैनुअल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप नहीं है और इसे अपडेट किया जाना चाहिए। कोर्ट के निर्देशों के बाद अब सरकार ने कक्षा 1 में दाखिले की आयु सीमा को स्पष्ट रूप से 6 साल तय कर दिया है।
कम उम्र के बच्चों को प्री-प्राइमरी में दाखिला
नए नियम के अनुसार, जो बच्चे 6 वर्ष की आयु पूरी नहीं करते हैं, उन्हें सीधे कक्षा 1 में दाखिला नहीं दिया जाएगा। ऐसे बच्चों को प्री-प्राइमरी कक्षाओं में रखा जाएगा और जैसे ही वे 6 साल की उम्र पूरी करेंगे, उन्हें कक्षा 1 में प्रवेश दिया जाएगा।
अधिकांश राज्यों में पहले से लागू है नियम
देश के ज्यादातर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले से ही कक्षा 1 के लिए 6 साल की न्यूनतम आयु का नियम लागू है। जानकारी के मुताबिक, 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश NEP 2020 के तहत इसी व्यवस्था के अनुसार दाखिले कर रहे हैं। हालांकि, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल सहित कुछ राज्यों में अब तक यह नियम पूरी तरह लागू नहीं किया गया है।
दिल्ली, यूपी और बिहार में भी लागू
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने भी इस नियम को लागू कर दिया है। दिल्ली में वर्ष 2026 से सभी स्कूलों में केवल उन्हीं बच्चों को कक्षा 1 में दाखिला मिलेगा, जिनकी उम्र कम से कम 6 साल होगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार में भी यह नियम पहले ही लागू किया जा चुका है। गोवा में भी गोवा स्कूल एजुकेशन बिल 2026 के तहत कक्षा 1 में प्रवेश की न्यूनतम आयु 6 वर्ष तय की जा रही है।
