हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री ने गुरुग्राम जिले को दी बड़ी सौगात, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करोड़ों की विभिन्न विकास परियोजनाएं की समर्पित
चंडीगढ़ , 14 मई - हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने वीरवार को गुरुग्राम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में करीब 2 करोड़ 86 लाख रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाएं जनता को समर्पित कीं। इस अवसर पर पटौदी की विधायक श्रीमती बिमला चौधरी भी मौजूद रही।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गुरुग्राम हरियाणा का सर्वाधिक आबादी वाला जिला होने के कारण यहां स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और तेज शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। नए अस्पताल भवनों, उप स्वास्थ्य केंद्रों, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार ऐतिहासिक बदलाव ला रही है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इसी उद्देश्य के तहत स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम प्रदेश का ऐसा जिला है जहां सबसे अधिक सब सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही उपलब्ध हो रही हैं।
आरती सिंह राव ने बताया कि गुरुग्राम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई नई विकास परियोजनाएं भी पाइपलाइन में हैं। उन्होंने बताया कि जिले के बाघनकी क्षेत्र में एक नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की स्थापना की जाएगी, जबकि घामड़ोज गांव में नया सब हेल्थ सेंटर बनाया जाना प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और अधिक मजबूत होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष के बजट में गुरुग्राम जिले के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना को और मजबूत करने पर विशेष फोकस किया गया है। इसी क्रम में जिले में 8 नए सब सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त रणसीका, रीठोज तथा सिधारवाली में तीन नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन स्वास्थ्य संस्थानों के शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों की बड़ी आबादी को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
आरती सिंह राव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिले में दो स्वास्थ्य संस्थानों को कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इनमें पीएचसी दौलताबाद तथा पीएचसी वजीराबाद शामिल हैं। इन संस्थानों के अपग्रेड होने से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं, आधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा बेहतर उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी सभी विकास परियोजनाओं की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आमजन को बेहतर और टिकाऊ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से संबंधित प्रत्येक परियोजना की समय-समय पर समीक्षा की जाए और कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आमजन तक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है, इसलिए सभी विकास कार्य पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने उपमंडल नागरिक अस्पताल हेलीमण्डी में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) का उद्घाटन किया। यह यूनिट पटौदी ब्लॉक के लिए डायग्नोस्टिक हब के रूप में कार्य करेगी, जहां एचबी, ईएसआर, आरबीएस, डेंगू, मलेरिया, ब्लड ग्रुप सहित विभिन्न लैब जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्री ने गांव चन्दू में लगभग 89.45 लाख रुपये की लागत से निर्मित आम उप स्वास्थ्य केंद्र भवन, नूरगढ़ और महचाना गांवों में निर्मित नए उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों का भी उद्घाटन किया। नूरगढ़ उप स्वास्थ्य केंद्र भवन लगभग 81.89 लाख रुपये तथा महचाना उप स्वास्थ्य केंद्र भवन लगभग 64.83 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए हैं। इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
