इस साल 6 अंगदान कर हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान
हरियाणा के प्रयासों की सराहना
डॉ. कुमार ने हरियाणा राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (SOTTO) के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष हरियाणा में अब तक छह अंगदान दर्ज किए गए हैं, जिनमें से पांच अंगदान पीजीआईएमएस रोहतक की पहल से संभव हुए हैं। उन्होंने कहा कि अंगदान को बढ़ावा देने के क्षेत्र में हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है और यह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।
स्थापना दिवस पर पौधारोपण और रक्तदान शिविर
विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण के संदेश को बढ़ावा देने के लिए कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ मिलकर पौधारोपण किया। इसके बाद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान करीब 65 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में लाखों मरीज अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अंगदान के प्रति जागरूकता अभी भी अपेक्षाकृत कम है। यदि अधिक लोग अंगदान के लिए आगे आएं तो हजारों मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोगों से अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने और जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी बचाने के इस अभियान में भागीदारी निभाने की अपील की।
