Haryana Greenfield Expressway: सोनीपत से जींद जाना हुआ आसान! बनकर तैयार हुआ ये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

 
Haryana Greenfield Expressway: सोनीपत से जींद जाना हुआ आसान! बनकर तैयार हुआ ये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
Haryana Greenfield Expressway: ग्रीनफील्ड नेशनल हाईवे 352ए परियोजना के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। अब यात्रियों के लिए सोनीपत के जींद से गोहाना तक का सफर काफी सुगम हो गया है। हालांकि, इस रूट पर अभी पेट्रोल पंप की सुविधा नहीं है, इसलिए वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले ईंधन भरवाना पड़ता है।

दूसरे चरण में फ्लाईओवर का काम जारी

परियोजना के दूसरे चरण में गोहाना से सोनीपत के बीच बड़वासनी गांव के पास फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। यह काम अगस्त 2025 तक पूरा हो जाएगा। फ्लाईओवर बनने के बाद यह पूरा 80 किलोमीटर का सफर महज एक घंटे में तय किया जा सकेगा।

टोल टैक्स की स्थिति

गोहाना से जींद के बीच नए हाईवे पर टोल टैक्स शुरू हो गया है। वहीं, गोहाना से सोनीपत के बीच काम पूरा होने के बाद मोहना गांव के पास टोल वसूली शुरू हो जाएगी। पहले लुदाना गांव के पास टोल लिया जाता था, लेकिन नया हाईवे शुरू होने के बाद मई में उस टोल टैक्स को बंद कर दिया गया और उसे नए रूट पर शिफ्ट कर दिया गया।

दिल्ली जाने के लिए दो वैकल्पिक मार्ग

अब गोहाना से दिल्ली दो प्रमुख मार्गों से पहुंचा जा सकेगा: गोहाना-बड़वासनी-बवाना-दिल्ली गोहाना-रोहतक-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग-रुखी-एक्सप्रेसवे-दिल्ली ये दोनों मार्ग राजमार्ग से जुड़े होने के कारण सुविधाजनक और तेज हैं।

एक्सप्रेसवे से जुड़ा जींद

राष्ट्रीय राजमार्ग 352ए जींद के जलेबी चौक से शुरू होकर सीधे दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। इसका मतलब है कि अब जींद से आने वाले वाहन सीधे एक्सप्रेसवे से दिल्ली पहुंच सकेंगे।

निर्माण में देरी और कारण

पहले इस परियोजना को मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन मोहना गांव के पास रेलवे ओवरब्रिज का काम देरी से शुरू होने के कारण इसमें कुछ देरी हुई है। अब इस काम को अगस्त 2025 तक पूरा करने की योजना है।

सीधा और तेज मार्ग

ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग 352ए की खास बात यह है कि यह किसी गांव से होकर नहीं गुजरता है। यह गोहाना के पानीपत हाईवे पर स्थित बाईपास से शुरू होकर सीधे जींद के जलेबी चौक तक पहुंचता है। इस मार्ग पर वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकते हैं, जिससे यात्रा तेज और सुरक्षित हो जाती है।