हरियाणा में होमगार्ड के बेटे की हत्या के मामले में बड़ा एक्शन, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

 
 हरियाणा में होमगार्ड के बेटे की हत्या के मामले में बड़ा एक्शन, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

 

हरियाणा के गुरुग्राम में होमगार्ड के बेटे की हत्या के मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। इस मामले में लापरवाही बरतने पर दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

गुरुग्राम में बीते 6 अगस्त को होमगार्ड मुन्नीलाल के बेटे सागर की हत्या की गई थी। इस मामले में लगातार पुलिस जांच पड़ताल कर रही थी। लेकिन अब केस में नया मोड़ आया है। केस में लापरवाही मिलने पर हेडकांस्टेबल अशोक और विनोद को सस्पेंड किया गया है। फर्रुखनगर थाना एसएचओ महेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
 
6 अगस्त को हुई थी हत्या 
बता दें कि हुक्का भरने के विवाद में 22 साल के सागर की 6 अगस्त को हत्या कर दी गई थी।  20-25 लोगों ने सागर पर जानलेवा हमला किया। रंजिश के चलते आरोपियों ने सागर और उसके भाई शंकर पर गोलियां चलाई। शंकर ने भागकर अपनी जान बचाई। मगर सागर को गोली लग गई। हमले के बाद आरोपी फरार हो गए। परिजन घायल सागर को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

क्या है पूरा मामला ? 

परिजनों के मुताबिक बीते 3 अगस्त को होमगार्ड के पद पर तैनात मुन्नी लाल अपने भाई होशियार के साथ दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान गांव के सचेत उर्फ मुन्ना की सागर के भाई शंकर के साथ हुक्का भरने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर सागर के पिता और भाई के साथ मारपीट भी की थी।  

बेंगलुरु से घर आ रहा था सागर 

परिजनों ने बताया कि सागर बेंगलुरु में काम करता था। वह 6 अगस्त को अपने घर आ रहा था। जैसे ही वह बस अड्डे पर उतरकर अपने भाई शंकर के साथ घर को आने लगा तो 20-25 लोगों ने उनका पीछा किया और फिर उन दोनों पर गोलियां चला दी। शंकर अपनी जान बचाकर भागा, लेकिन सागर को गोली लग गई। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजन सागर को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई।

9 आरोपी गिरफ्तार, परिजनों ने पुलिस पर लगाया आरोप
इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया और शुक्रवार को ग्रामीणों ने पटौदी-कुलाना रोड पर खंडेवला मोड़ के पास जाम लगा दिया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार किया और फिर परिजनों ने सागर का अंतिम संस्कार किया।

परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब पहले मुन्नी लाल और शंकर के साथ आरोपियों ने मारपीट की थी तो पुलिस को इसकी शिकायत दी। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। ऐसे में परिवार ने उन दोषी पुलिस वालों पर भी कार्रवाई करने की मांग की, जिन्होंने इस मामले को हल्के में लिया था। इसी मांग पर गुरुग्राम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आज हेडकांस्टेबल अशोक और कांस्टेबल विनोद को  सस्पेंड कर दिया है। दोनों के खिलाफ इंटरनल जांच भी बैठा दी है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है।