आरटीआई एक्ट को लेकर सख्त हुई हरियाणा सरकार, विभाग एक्ट के प्रावधानों की करें कड़ाई से पालना : मुख्य सचिव

 
आरटीआई एक्ट को लेकर सख्त हुई हरियाणा सरकार, विभाग एक्ट के प्रावधानों की करें कड़ाई से पालना : मुख्य सचिव

 

 

जरूरी सूचनाएं आधिकारिक वेबसाइटों पर स्वप्रेरणा से उपलब्ध कराने के निर्देश

 

चंडीगढ़, 01 सितंबर-हरियाणा सरकार ने सभी विभागोंबोर्डोंनिगमोंप्राधिकरणों तथा अन्य सार्वजनिक प्राधिकरणों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 4 के तहत अनिवार्य रूप से सार्वजनिक की जाने वाली सूचनाओं को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर अपलोड करने और आमजन के लिए आसानी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

 

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा ये निर्देश हरियाणा राज्य सूचना आयोग द्वारा 22 जून, 2026 को आरटीआई अधिनियम की धारा 18(2) के तहत एक शिकायत में दिए गए आदेश के अनुपालन में जारी किए गए हैं।

 

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि आरटीआई के तहत सूचना का स्वप्रेरित प्रकटीकरण केवल औपचारिकता नहीं है। सार्वजनिक प्राधिकरणों को अपनी संगठनात्मक संरचनाकार्य एवं दायित्वअधिकारियों एवं कर्मचारियों से संबंधित विवरणनिर्णय लेने की प्रक्रियानियम एवं निर्देशअभिलेखों एवं दस्तावेजों की श्रेणियांबजट एवं योजनाओं की जानकारीसब्सिडीरियायतों एवं परमिट से संबंधित विवरण तथा लोक सूचना अधिकारियों की जानकारी सहित अधिनियम के तहत निर्धारित अन्य सूचनाएं वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होंगी।

 

उन्होंने निर्देश दिए कि वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई सूचनाओं की समय-समय पर समीक्षा कर उन्हें नियमित रूप से अपडेट और अनुरक्षित किया जाएताकि नागरिकों को नवीनतम एवं सही जानकारी निरंतर उपलब्ध हो।

 

गौरतलब है कि राज्य सूचना आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि आरटीआई अधिनियम की धारा का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाना तथा नागरिकों को प्रत्येक सूचना के लिए अलग से आरटीआई आवेदन दायर करने की आवश्यकता को न्यूनतम करना है। आयोग ने सार्वजनिक प्राधिकरणों को धारा के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है