हरियाणा सरकार की बेहसहारा पशुओं को खुले में छोड़ने पर बड़ी कार्रवाई, पहली बार 11, दूसरी बार 21 हजार और तीसरी बार होगी FIR

 
हरियाणा सरकार की बेहसहारा पशुओं को खुले में छोड़ने पर बड़ी कार्रवाई, पहली बार 11, दूसरी बार 21 और तीसरी बार होगी FIR

 

*सड़कों पर बेसहारा गौवंश नजर नहीं आना चाहिएविशेष अभियान चलाकर की जाए प्रत्येक पशु की टैगिंग : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

 

*बेसहारा पशुओं को खुले में छोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की व्यवस्था करने के निर्देश*

 

*पहली बार 11 हजारदूसरी बार 21 हजार रुपये जुर्माना और तीसरी बार एफआईआर के प्रावधान पर हुई चर्चा*

 

*बेसहारा गौवंश को पकड़ने के लिए पूरे प्रदेश में जिला वार किए जाएंगे टेंडर*

 

*गौ अभ्यारण्यों में फेंसिंग व चारदीवारी के साथ हरे चारे की व्यवस्था के निर्देश*

 

चंडीगढ़,2 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में बेसहारा गौवंश सड़कों पर नजर नहीं आना चाहिए। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को पकड़ा जाए तथा प्रत्येक पशु की टैगिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं की पहचान सुनिश्चित होने से यदि किसी घर या गौशाला से पशु बाहर आता है तो संबंधित पशुपालक की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जा सकेगी।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सचिवालय में गौ सेवा आयोग और पशुपालन विभाग की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे। बैठक में प्रदेश में बेसहारा गौवंश की समस्या, गौशालाओं की व्यवस्थाओं, गौ अभ्यारण्यों, नस्ल सुधार तथा गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों और हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्री रामचंद कंबोज ने बेसहारा पशुओं और गौशाला में मौजूद गौवंश पर अपनी बात रखी।

 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में अभियान चलाकर प्रत्येक गौवंश की टैगिंग की जाए। नगर निकायों द्वारा पकड़े जाने वाले पशुओं को गौशालाओं में छोड़ते समय भी उनकी टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि प्रत्येक पशु की पहचान सुनिश्चित हो सके।

 

*पशुओं को खुले में छोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की व्यवस्था करने के निर्देश*

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कई बार कुछ पशुपालक सुबह और शाम पशुओं का दूध निकालने के बाद उन्हें खुले में घूमने के लिए छोड़ देते हैं, जिससे पशु सड़कों पर बेसहारा अवस्था में नजर आते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित पशुपालक की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने पर चर्चा हुई। इस दौरान पहली बार पशु पकड़े जाने पर 11 हजार रुपये, दूसरी बार 21 हजार रुपये का जुर्माना तथा तीसरी बार पशु पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किए जाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही ऐसे पशुपालकों को सरकार की ओर से पशुओं के लिए दी जाने वाली सुविधाओं, जैसे वैक्सीनेशन, इंश्योरेंस प्रीमियम आदि से वंचित करने तथा उनका नाम नेगेटिव लिस्ट में डालने की व्यवस्था करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पकड़े गए पशुओं को निर्धारित कार्रवाई किए बिना वापस नहीं किया जाना चाहिए।

 

*बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए जिला वार होंगे टेंडर*

मुख्यमंत्री ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए पूरे प्रदेश में जिला वार टेंडर करने के निर्देश दिए, ताकि विशेष अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जा सके। मुख्यमंत्री ने गौ अभ्यारण्यों की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में उचित फेंसिंग करवाई जाए। जिस क्षेत्र में पशुओं को रखना है, वहां चारदीवारी की व्यवस्था की जाए तथा शेष क्षेत्र में हरे चारे की बुआई करवाई जाए। गौ अभ्यारण्यों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए।

 

*गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर*

बैठक में गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, गौवंश के बेहतर रखरखाव, नस्ल सुधार तथा गौशालाओं में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गौशालाओं को सुदृढ़ करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा गौ सेवा आयोग इस दिशा में विशेष कार्य करते हुए गौशालाओं के साथ सामांज्स्य बनाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 707 गौशालाएं पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 4 लाख गौवंश हैं।

 

*आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाने के लिए योजना बनाने के निर्देश*

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या पर भी संज्ञान लेते हुए इसके प्रभावी समाधान के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर निकाय विभाग और पशुपालन विभाग संबंधित गाइडलाइन के अनुसार समन्वय के साथ कार्य करें।

 

इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा, पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ प्रेम सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।