Haryana Govt Employees: हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों की हुई मौज, लोन सिस्टम को लेकर किया ये बड़ा बदलाव

 
Haryana Govt Employees: हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों की हुई मौज, लोन सिस्टम को लेकर किया ये बड़ा बदलाव

 Haryana Govt Employees: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सरकार के कर्मचारियों के ऋण पोर्टफोलियो को पंजाब नेशनल बैंक से वापस राज्य सरकार के पास पुराने सिस्टम के अनुसार स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।

 

अधिसूचना के लागू होने से पूर्व, राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को मेजर हेड-7610 के अंतर्गत वार्षिक बजट प्रावधान के माध्यम से सीधे ऋण/अग्रिम प्रदान करती थी। इसके पश्चात मंत्रिपरिषद की स्वीकृति से राज्य सरकार ने ऋण पोर्टफोलियो को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। इसके अनुसार, कर्मचारियों को ऋण प्रदान करने हेतु पीएनबी को ऋण पोर्टफोलियो स्थानांतरित करने की योजना जारी की गई। इस उद्देश्य के लिए राज्य सरकार ने समझौता ज्ञापन/एग्रीमेंट किया।

अब प्रस्ताव है कि 04.11.2016 से पूर्व लागू पुराने सिस्टम को पुनः लागू किया जाए। इस प्रणाली के तहत कर्मचारियों को ऋण राज्य सरकार द्वारा सीधे साधारण ब्याज दर पर, जीपीएफ दर या समय-समय पर निर्धारित दर के अनुसार दिए जाएंगे तथा ऋण खातों का संधारण प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), हरियाणा द्वारा किया जाएगा। यह निर्णय वर्तमान प्रणाली में आ रही संचालन कठिनाइयों के कारण लिया गया है।

अब मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों को नए ऋण वितरण के लिए पुराने सिस्टम को दो चरणों में पुनः लागू करने को मंजूरी दी है।

स्वीकृति के अनुसार, राज्य बजट से कर्मचारियों को सीधे ऋण वितरण 1 जून 2026 से शुरू किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 375.52 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान पहले ही किया जा चुका है, ताकि 1 जून 2026 से कर्मचारियों को सीधे ऋण प्रदान किए जा सकें।

पीएनबी के माध्यम से 1 जून 2026 से नए ऋण देना बंद कर दिया जाएगा। साथ ही, 31 मई 2026 तक लिए गए सभी मौजूदा ऋणों का भुगतान कर्मचारी द्वारा पीएनबी को पुनर्समायोजन प्रक्रिया पूरी होने तक किया जाता रहेगा।

पुनर्समायोजन प्रक्रिया के अंत में सभी कर्मचारियों के पीएनबी में शेष ऋण की राशि पीएनबी को चुकाई जाएगी तथा सभी ऋण खातों को प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), हरियाणा को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।