चंडीगढ़ , 3 सितंबर - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए 'गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना' के अंतर्गत किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों—यमुनानगर, नारायणगढ़, शाहाबाद, करनाल, असंध, भादसों, पानीपत, कैथल, रोहतक, सोनीपत, जींद, पलवल, भूना, गोहाना और महम के सहायक गन्ना विकास अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में आने वाले किसानों को अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
विभाग के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अनुदान राशि गन्ने की अधिसूचित व सिफारिश की गई किस्मों की बिजाई आधुनिक विधियों, जैसे कि "प्रमोशन ऑफ़ वाइड रौ स्पेसिंग (4 फ़ीट)", सिंगल-बड, बड-चिप विधि, फाउंडेशन सीड नर्सरी/ बीज उपचार, और 4 फीट की चौड़ी पंक्ति दूरी में पेड़ी-प्रबंधन (Ratoon Management) के माध्यम से प्रदर्शन-प्लाट लगाने पर दी जाएगी।
प्रवक्ता ने आवेदनों की समय-सीमा की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिन किसान भाइयों ने अपना गन्ना वसंत या ग्रीष्म ऋतु (अप्रैल के बाद) में लगाया है, वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए 30 सितंबर 2026 तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं, जो किसान शरद ऋतु (आगामी अक्टूबर-नवंबर) में गन्ने की बिजाई करने वाले हैं, उनके लिए आवेदन की तिथि 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक किसान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
इसके अलावा, राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए "Mechanization in Sugarcane Implements" योजना के तहत भी विभिन्न कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दे रही है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि पावर ऑपरेटेड गन्ना सैट ट्रीटमेंट डिवाइस (30-120 लीटर क्षमता), पावर वीडर (इंजन चालित 5 से 7.5 BHP तक), गन्ना रटून मैनेजर, वाइड-रो रिज/रिज, रोटावेटर (4 फीट), ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, सब-सोइलर/चिसलर, गन्ना कटर/स्ट्रिपर/प्लांटर और मिनी ट्रैक्टर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ उठाने के लिए भी किसान 30 सितंबर 2026 के बीच कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देश भी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।
