हरियाणा सरकार ने 2 IAS अधिकारियों को किया सस्पेंड, जाने इसकी बड़ी वजह ?
बहरहाल, इस विषय पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि हालांकि प्रदीप कुमार करीब अढाई महीने बाद 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं जबकि राम कुमार सिंह की रिटायरमेंट डेढ़ वर्ष बाद 30 नवंबर, 2027 में निर्धारित है. उन्होंने आगे बताया कि अखिल भारतीय सेवाएं (आई.ए.एस., आई.पी.एस. और आई.एफ.एस) के अनुशासनात्मक एवं अपील नियमों, 1969 जब भी किसी आई.ए.एस/आई.पी.एस/आई.एफ.एस. अधिकारी को राज्य सरकार द्वारा निलंबित किया जाता है अथवा किसी क्रिमिनल केस या किसी अन्य कारण से 48 घंटे या उससे अधिक की आधिकारिक कस्टडी (अभिरक्षा) में रहने के कारण संबंधित अधिकारी को सेवा से निलंबित माना जाता है, तो ऐसा करने/होने के 48 घंटे के भीतर, बिना किसी विलंब के, इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा केंद्र को सूचित करना आवश्यक होता है. इसी प्रकार निलंबन की कापी और उसके कारणों के बारे में संबंधित कैडर कंट्रोलिंग अथारिटी ( जैसे आई.ए.एस. के संबंध में केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय) को भी 48 घंटे में भेजना आवश्यक होता है.
इसके पश्चात इसी संबंध में विस्तृत रिपोर्ट इसके 15 दिनों के भीतर भी राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार को भेजनी होती है.
हेमंत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसी आई.ए.एस. अधिकारी के विरुद्ध जारी निलंबन का आदेश केवल 30 दिनों तक ही वैध होता है एवं इसके बाद केन्द्र सरकार की स्वीकृति आवश्यक होती है. कोई भी निलंबन का आदेश जिसे आगे बढ़ाया जाए वह सामान्यतः चार माह तक वैध रह सकता है बशर्ते उसे केंद्रीय/राज्य समीक्षा कमेटी द्वारा इससे पहले रद्द न कर दिया जाए. इसके बाद निलंबन को उक्त कमेटी की सिफारिश के बाद ही छ: माह के लिए बढ़ाया जा सकता है. आम तौर पर भ्रष्टाचार के आरोपों में निलंबित अधिकारी का निलंबन अधिकतम दो वर्ष तक और बाकी केसों में एक वर्ष तक जारी रह सकता है हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में उक्त कमेटी इसे और आगे भी बढ़ा सकती है.
हेमंत ने यह भी बताया कि इसी दौरान निलंबित अधिकारी राज्य सरकार के माध्यम से अपीलेट अथारिटी (केन्द्र सरकार) को 30 दिनों में अपील भी कर सकता है जिस पर राज्य सरकार को भी अपनी टिप्पणी कर केंद्र को भेजनी होती है. अगर राज्य सरकार अपने कमेंटस केंद्र को समय अनुसार नहीं भेजती, फिर भी केंद्र सरकार उस निलंबित अधिकारी की अपील पर निर्णय ले सकती है.
