जानकाीर के मुताबिक. प्रदेश के स्वास्थ्य एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) की ओर से 28 जुलाई 2025 को एक पत्र जारी किया गया था। जिसमें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के बकाया भुगतानों का हवाला देते हुए 7 अगस्त 2025 से इस योजना के तहत सेवाओं को रोकने की बात कही गई थी। इस संबंध में SHA ने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से 4 अगस्त को बजट मिल गया और उसी के हिसाब अब पैनल वाले अस्पतालों को "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर भुगतान करना शुरू कर दिया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने मई 2025 के पहले सप्ताह तक पैनलबद्ध अस्पतालों को प्रस्तुत दावों का निपटान और भुगतान कर दिया है। योजना की शुरुआत से अब तक अस्पतालों को कुल 2,900 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, 16 जुलाई 2025 तक राज्य और केंद्र सरकारों से 240.63 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है और पात्र दावों के निपटान के लिए इसका पूर्ण उपयोग किया जा चुका है।
पैनलबद्ध अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत दावों का निपटान एनएचए के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से 50 डॉक्टरों की एक टीम द्वारा किया जाता है। सभी कटौतियां एनएचए के दिशानिर्देशों के अनुसार सख्ती से की जाती हैं और कटौती केवल तभी की जाती है जब पर्याप्त नैदानिक औचित्य या दस्तावेजों का अभाव हो। किसी भी अस्वीकृति या कटौती से पहले, अस्पतालों को आवश्यक सहायक दस्तावेड जैसे कि वाइटल चार्ट, नैदानिक चित्र, ओटी नोट्स और परीक्षण रिपोर्ट अपलोड करने का अवसर दिया जाता है। अगर कोई अस्पताल किसी कटौती से असहमत है तो वह पोर्टल के माध्यम से अपील दायर कर सकता है। इन अपीलों की समीक्षा एक निर्दिष्ट चिकित्सा लेखा परीक्षा समिति की ओर से की जाती है।
