Haryana : हरियाणा में बनेगा पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, जानें क्या-क्या होगा खास 

 
First green hydrogen plant to be built in Haryana
Haryana : हरियाणा में किसानों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार हरियाणा एग्री डिस्काम नाम से तीस्सरी ऊर्जा बिजली वितरण कंपनी स्थापित करेगी। साथ ही सरकार हरियाणा हरित हाइड्रोजन नीति भी लागू करेगी। ऊर्जा क्षेत्र के बजट में बढ़ोतरी करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के 6,379.63 करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2026-27 के लिए बजट 7.66 प्रतिशत बढ़ाकर 6,868 करोड़ रुपये निर्धारित किया है।

हरियाणा एयी डिस्काम राज्य के सभी 5,084 कृषि फीडरों और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य नए ट्यूबवेल कनेक्शन तेजी से जारी करना, खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलना और किसानों के खेतों तक नियमित बिजली

आपूर्ति सुनिश्चित करना है। वर्तमान में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम 14,391 फीडरों से घरेलू, वाणिज्यिक, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। 2004-05 से 2014-15 के बीच इन दोनों निगमों ने 1,89,978 नए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए थे। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 35,000 नए सौर पंप स्थापित होंगे।

13 जिलों में 200 मेगावाट क्षमता की पराली आधारित बायोमास परियोजनाएं स्थापित होंगी। किसान अपने ट्यूबवेल पर सौर पैनल लगाकर अतिरिक्त बिजली बेच भी सकेंगे। किसानों के मौजूदा बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शनों पर खेतों में सौर ऊर्जा लगाने की अनुमति मिलेगी। ऐसे में उपयोग से बढ़ने वाली बिजली निगम खरीदेंगे। 

प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पानीपत में पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बनेगा। वर्ष 2030 तक 250 किलो टन प्रतिवर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन और 2 गीगावाट इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2.2 लाख घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगेंगे। गैर बकायेदार उपभोक्ताओं और अंत्योदय परिवारों को इसके लिए ब्याज मुक्त सहायता भी दी जाएगी। शेष 68 लाख उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।