Haryana: हरियाणा के सिरसा नगर परिषद में घमासान, भाजपा पार्षद ने अपने ही चेयरमैन पर लगाए गंभीर आरोप

 
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Haryana News: हरियाणा के सिरसा नगर परिषद में विकास कार्यों को लेकर सियासी बवाल खड़ा हो गया है। भाजपा पार्षद मनीष कुमार ने अपनी ही पार्टी के नगर परिषद चेयरमैन वीर शांति स्वरूप भट्टी के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए 27 जनवरी को परिषद कार्यालय में बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मामला वार्ड नंबर 13 में कथित विकास कार्यों और धनराशि को लेकर दिए गए बयानों से जुड़ा है।

‘हवाई दावों’ से बिगड़ा माहौल

विवाद की जड़ चेयरमैन द्वारा मीडिया में दिए गए वे बयान हैं, जिनमें उन्होंने वार्ड नंबर 13 में करोड़ों रुपये के विकास कार्य करवाने और पार्षद के खाते में पैसे डालने की बात कही थी। पार्षद मनीष कुमार का आरोप है कि इन दावों का जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। उनके मुताबिक वार्ड में अब तक एक भी विकास कार्य शुरू नहीं हुआ, जबकि जनता उन्हें भ्रष्ट समझने लगी है।

वार्ड नंबर 13 (रूप नगर क्षेत्र) के पार्षद मनीष कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि चेयरमैन के बयानों के बाद वार्डवासी उनसे जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा, “चेयरमैन सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि उन्होंने दो करोड़ के काम करवा दिए और पैसे पार्षद के खाते में डाल दिए। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरे खाते में एक रुपया भी नहीं आया और न ही कोई काम शुरू हुआ है।”

पार्षद का आरोप है कि पिछले दो महीनों से वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद काम जानबूझकर रोका गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार संपर्क करने के बावजूद चेयरमैन अब उनका फोन तक नहीं उठा रहे।

चेयरमैन के दावे बनाम पार्षद के आरोप

नगर परिषद चेयरमैन वीर शांति स्वरूप भट्टी ने मीडिया में दावा किया था कि वार्ड 13 में करीब 73 लाख रुपये की लागत से 10 से अधिक गलियों का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें रूप नगर की छह गलियां, अमरनाथ डेरा गली और नटार रोड शामिल हैं। चेयरमैन के अनुसार ठेकेदार को कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं और स्थानीय लोग इस विकास के लिए आभार जता रहे हैं।

वहीं पार्षद मनीष कुमार का कहना है कि यह सब केवल कागजी दावे हैं। उनके मुताबिक परिषद की अंदरूनी खींचतान के चलते ठेकेदार भी काम शुरू नहीं कर पा रहा है।

27 जनवरी को परिषद कार्यालय में प्रदर्शन

पार्षद ने ऐलान किया है कि 27 जनवरी को वह अपने वार्ड के लोगों के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर चेयरमैन से सीधे सवाल करेंगे—पैसा किसके खाते में गया और काम कहां हो रहा है। इस संभावित प्रदर्शन को देखते हुए नगर परिषद प्रशासन फिलहाल सतर्क है, हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।