हरियाणा में इन अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से रखा जाए दूर, राज्य निर्वाचन आयुक्त से अपील

 
हरियाणा में इन अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से रखा जाए दूर, राज्य निर्वाचन आयुक्त से अपील
चंडीगढ़, 15 अप्रैल : हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बीते सोमवार 13 अप्रैल को प्रदेश के कुल  7  नगर निकायों ( 3 नगर निगमों,  1 नगरपालिका परिषद एवं 3 नगरपालिका समितियों ) के  आम चुनाव  एवं  6 अन्य शहरी  निकायों में एक-एक  रिक्त वार्ड के  उपचुनाव की घोषणा की गयी जिस  हेतू  मतदान आगामी 10 मई को   जबकि 13 मई को मतगणना  होगी.

इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट  और  म्यूनिसिपल कानून  जानकार  हेमंत कुमार ने राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेन्द्र सिंह कल्याण को लिखकर अपील की है कि जहाँ जहाँ चुनाव कराये जाने हैं, वहां तैनात ऐसे अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखा जाए जो या तो अपने गृह जिले में ही  तैनात हैं या एक ही जिले में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत हैं।

हेमंत ने अपने ज्ञापन कम लोक अभिवेदन  में यह भी उल्लेख किया है  कि जब भी देश में भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा  लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव कराये जाते हैं, तब आयोग द्वारा चुनावी कार्यक्रम की घोषणा से पहले ही सभी प्रदेशों के या सम्बंधित प्रदेश के, जैसा भी मामला हो, के मुख्य सचिवों को लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा जाता है कि ऐसे अधिकारियों की ट्रांसफर (तबादला ) कर दिया जाए जो या तो अपने गृह जिले में ही तैनात हैं  या फिर एक ही स्थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत हैं, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।

अंबाला में दो अधिकारियों पर उठे सवाल

हेमंत  ने बताया कि अंबाला (शहर) के मौजूदा उप मंडल अधिकारी  (नागरिक) अर्थात एस.डी.ओ. (सिविल) जिसे आम तौर पर उपमंडलाधीश (एस.डी.एम.) कहा जाता है के पद पर 2019 बैच के एच.सी.एस. अधिकारी दर्शन कुमार पिछले निरंतर साढ़े तीन वर्षों से अर्थात सितम्बर, 2022 से  तैनात हैं। वहीं, अम्बाला में जिला परिवहन अधिकारी (डी.टी.ओ.) -कम –सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ( सेक्रेटरी, आर.टी.ए.) सुशील कुमार-III, जो 2016 बैच के एच.सी.एस. हैं,  भी गत सवा तीन वर्ष से अर्थात  दिसंबर 2022 से कार्यरत हैं.  इस आधार पर इन दोनों अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से अलग रखने की अपील  की गई है।

पंचकूला में गृह जिले का मामला

इसी प्रकार पंचकूला के उपमंडलाधीश (एस.डी.एम.) चंद्रकांत कटारिया,  जो 2020 बैच के एच.सी.एस. हैं, को लेकर भी आपत्ति जताई गई है.  ज्ञापन  में कहा गया है कि कटारिया  अपने गृह जिले पंचकूला  में ही तैनात हैं. चंद्रकांत हरियाणा की  अम्बाला लो.स. सीट (जिसके अंतर्गत पंचकूला जिला भी पड़ता है)  से  तीन बार भाजपा से   सांसद और दूसरी मोदी सरकार में  केंद्रीय राज्यमंत्री रह चुके दिवंगत रतन लाल कटारिया के पुत्र हैं. चंद्रकांत की माता बंतो कटारिया वर्तमान में हरियाणा प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष भी हैं.

निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश देने की मांग

एडवोकेट  ने  राज्य निर्वाचन आयुक्त से अपील की है कि अंबाला के उपायुक्त-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी अजय सिंह तोमर तथा पंचकूला के उपायुक्त सतपाल शर्मा  को निर्देश जारी किए जाएं कि उपरोक्त अधिकारियों को आगामी नगर निगम चुनाव में  किसी भी प्रकार की चुनाव ड्यूटी न सौंपी जाए।

हेमंत ने बताया कि हरियाणा नगर निगम निर्वाचन नियमों, 1994 के अंतर्गत नगर निगम चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर (आर.ओ.) को  सम्बंधित जिले के उपायुक्त (डी.सी.) द्वारा ही नामित/नियुक्त किया जाता है.

साथ ही, उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से यह भी आग्रह किया है कि सभी अन्य जिलों में भी, जहाँ शहरी निकाय चुनाव कराये जाने हैं, में  ऐसे अधिकारियों की पहचान कर उन्हें चुनाव ड्यूटी से दूर रखने के लिए सामान्य निर्देश जारी किए जाएं, जो या तो अपने गृह जिले में तैनात हैं या लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं.

 उपरोक्त ज्ञापन की एक प्रति देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार एवं दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू  और विवेक जोशी को भी सूचनार्थ भेजी गयी है.