Haryana : हरियाणा में 2 सगे भाइयों की मौत, परिवार में शोक की लहर; जानें कैसे हुआ हादसा 

 
Two brothers died in Haryana
Haryana : हरियाणा के यमुनानगर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई हैं। यहां पश्चिमी यमुना नहर में पूजा सामग्री विसर्जित करने के दौरान डूबे दो सगे भाइयों के शव बरामद कर लिए गए हैं। बड़े भाई उदय (24) का शव रविवार को हमीदा हेड से आगे एक पुल के पास मिला था, जबकि आज सुबह छोटे भाई आर्यन (18) का शव भी बाढ़ी माजरा पुल के पास पानी में दिखाई दिया। 

शव बहता देखा पुलिस को दी सूचना 

दोनों शव मिलने से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार को उदय का शव घटनास्थल से करीब 16 किलोमीटर दूर हमीदा हेड के पास बरामद हुआ था। आसपास के लोगों ने पानी में शव बहता देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर भिजवाया।

माजरा पुल के पास मिला आर्यन का शव

परिजन लगातार नहर किनारे डटे हुए थे और रातभर पहरा दे रहे थे। आज सुबह बाढ़ी माजरा पुल के पास एक शव पानी में  दिखाई दिया। जानकारों से पास से देखा, तो यह आर्यन का शव था। तुरंत इस बारे पुलिस व गोताखोरों को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे और शव को निकालने की प्रक्रिया शुरू की। जानकारी अनुसार दोनों शवों का आज पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उदय का शव पहले से ही सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था। 

घटना के बाद से बुडिया थाना पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी। करीब 10 किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र में गहन तलाशी ली गई। गोताखोरों के अनुसार ठंडे पानी के कारण शव को सतह पर आने में चार से पांच दिन लग सकते हैं, जो इस मामले में सही साबित हुआ।

नहर किनारे मिली थी बाइक और चप्पल

भगवानगढ़ निवासी उदय और आर्यन, पुत्र विनोद, मंगलवार शाम पूजा सामग्री विसर्जित करने घर से निकले थे। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। अगली सुबह बुडिया के पास नहर किनारे उनकी बाइक खड़ी मिली और पास ही चप्पल पड़ी हुई थी, जिसके बाद नहर में डूबने की आशंका गहरा गई, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाने पर 5-6 दिनों बाद उनके शव मिले। दोनों बेटों की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। 

पिता विनोद और अन्य परिजन भी गहरे सदमे में हैं। उदय नाई की दुकान पर काम करता था और परिवार की जिम्मेदारी में हाथ बंटाता था, जबकि आर्यन दिहाड़ी मजदूरी करता था। गांव भगवानगढ़ में मातम पसरा हुआ है। अंतिम संस्कार की तैयारियां पोस्टमार्टम के बाद की जाएंगी।