Haryana : हरियाणा में जमीन का पूरा हिसाब शुरू, करीब 49.72 लाख संपत्ति मालिकों को होगा फायदा
Haryana : हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में संपत्ति विवादों के समाधान के लिए केंद्र सरकार की राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान आधारित भूमि सर्वेक्षण (नक्शा) योजना शुरू कर दी गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में पंचकूला, मानेसर और नारनौल में इसका कार्य आरंभ हुआ है। इस वर्ष के आखिर तक इन तीनों शहरों में सर्वेक्षण पूरा होने पर मालिकों को उनकी संपत्तियों से संबंधित डिजिटल प्रमाणपत्र भी मिलेंगे। अगले वर्ष शेष 84 निकायों में काम शुरू होगा। इससे प्रदेश के करीब 49.72 लाख संपत्ति मालिकों को फायदा होगा।
निकाय विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में शहरी आबादी करीब 1.11 करोड़ है। सभी 87 निकायों में 49.72 लाख संपत्तियां हैं। नारनाैल, मानेसर और पंचकूला की बात करें तो तीनों ही शहर 295.32 वर्ग किमी में बसे हुए हैं। इनमें कुल 764 काॅलोनियां हैं जिनमें लाल डोरे से संबंधित 100 काॅलोनियां भी शामिल हैं। योजना के तहत मुख्य कार्य राजस्व विभाग के नेतृत्व में हो रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग का अनुमान है कि देश में वर्ष 2031 तक शहरी क्षेत्रों में 60 करोड़ से अधिक आबादी होने का अनुमान है।
नक्शा योजना के तहत शहरी भूमि अभिलेखों का सटीक सर्वेक्षण कराया जा रहा है। सर्वेक्षण से संपत्तियों को लेकर विश्वसनीयता, कानूनी प्रमाणिकता व राजस्व संग्रह को बढ़ावा मिलेगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल का कहना है कि केंद्रीय योजना पर गंभीरता से काम कराया जा रहा है।
