दिल्ली और आसपास के इलाकों पर असर
सर्कल रेट बढ़ने का असर दिल्ली के आस-पास के इलाकों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में देखने को मिलेगा। इससे घर खरीदने वाले और निवेशक सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। सीएम सैनी की मंजूरी मिलने के बाद तहसीलों में फिलहाल कोई नया रजिस्ट्रेशन अपॉइंटमेंट जारी नहीं किया जा रहा है। केवल वो लोग ही पुरानी दरों पर रजिस्ट्रेशन करवा पाएंगे। जिन्होंने इस ऐलान से पहले ही अपॉइंटमेंट लिया हुआ था।
कलेक्टर रेट क्या होता है?
दरअसल, कलेक्टर रेट या सर्कल रेट वह न्यूनतम मूल्य है। जिस पर किसी दिए गए क्षेत्र में संपत्ति का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। यह प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए आधिकारिक मानक के रूप में काम करता है और जगह बदलने के हिसाब से बदलता रहता है, जो अक्सर स्थानीय बाजार के रुझानों से प्रभावित होता है।
5% से 25% तक की होगी वृद्धि
खबरों की मानें, तो वित्त आयुक्त (राजस्व कार्यालय) की ओर से मंगलवार एक नोटिफिकेशन जारी की गई है। जिसमें यह पुष्टि की गई है कि नए कलेक्टर रेट 1 अगस्त 2025 से लागू होंगी। संशोधित दरों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 5% से 25% तक की वृद्धि का प्रस्ताव निर्धारित किया गया है।
बता दें कि इससे पहले, कलेक्टर रेट दिसंबर 2024 में संशोधित किए गए थे।
