हरियाणा मंत्रिमंडल ने युद्ध हताहतों के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर दी जाने वाली नियुक्ति नीति में छूट को मंजूरी प्रदान की

 
हरियाणा मंत्रिमंडल ने युद्ध हताहतों के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर दी जाने वाली नियुक्ति नीति में छूट को मंजूरी प्रदान की
चंडीगढ़, 26 जून - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा मूल के युद्ध हताहतों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के लिए हरियाणा सरकार की नीति में छूट प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की। अनुकंपा आधार पर नियुक्ति के लिए 30 मई, 2014 की मौजूदा नीति और 27 अगस्त, 2014 को इसके बाद के संशोधन के अनुसार, युद्ध में हताहत हुए सैनिक/अर्ध सैनिक का आश्रित मृतक के पद के आधार पर ग्रुप बी, सी या डी पदों में नियुक्ति के लिए पात्र है, बशर्ते कि नीति के शुरू होने के तीन साल के अंदर- अंदर आवेदन किया हो। हालांकि, राज्य सरकार को युद्ध में हताहत हुए लोगों के कई आश्रितों से अभ्यावेदन प्राप्त हुए थे, जो निर्धारित तीन साल की अवधि के भीतर आवेदन नहीं कर सके, जिससे उनके मामले मौजूदा मानदंडों के अनुसार ‘समय-बाधित’ हो गए। सैनिकों के परिवारों के कल्याण और पुनर्वास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल ने नीति में छूट को मंजूरी दी है। इस फैसले से सात ऐसे समय-बाधित मामलों में अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी जो तीन साल के अंदर-अंदर आवेदन नहीं दे सके थे। इनमें श्री हरपाल सिंह, सिपाही जिले सिंह (सेना) के पुत्र, जिनकी 9 अगस्त, 2006 को ऑपरेशन रक्षक के दौरान मौत हो गई थी; श्री संदीप गौतम, कांस्टेबल सुजीत कुमार (बीएसएफ) के भाई, जिनकी 152 बटालियन सीआरपीएफ के साथ 7 अप्रैल, 2004 को ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी; कुमारी ममता, कांस्टेबल रोहताश कुमार (बीएसएफ) की बेटी, जिन्होंने 42वीं बटालियन में 5 जुलाई, 1997 को सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी थी; कुमारी रितु, कांस्टेबल दिलबाग सिंह (बीएसएफ) की बेटी, जिनकी 88 बटालियन में 28 नवंबर, 2001 को सेवा के दौरान मौत हो गई थी सुश्री सोनू यादव, लांस नायक/चालक रामजस यादव (सीआरपीएफ) की पुत्री, जो 19 अप्रैल, 1990 को असम के मानस वन में उग्रवादियों द्वारा किए गए विस्फोट में शहीद हो गए थे; श्री तरुण, सिपाही भूपेंद्र सिंह (सेना) के पुत्र, जो 1 अगस्त, 2002 को जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान कार्रवाई में मारे गए थे और श्री नागेंद्र, हवलदार राम कुमार (सेना) के पुत्र, जिन्होंने ऑपरेशन विजय (कारगिल) के दौरान अपनी जान कुर्बान कर दी थी। इसके अतिरिक्‍त, कैबिनेट ने आतंकवादियों के साथ मुठभेड के दौरान शहीद हुए श्री देवेन्‍द्र भाटी के भाई श्री भगत सिंह को नीति में छूट देते हुए अनुकम्‍पा आधार पर नियुक्ति देने को स्वीकृति प्रदान की है।