Haryana Budget 2026: हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग को 14 हजार करोड़ से ऊपर का बजट, मिलेगी ये सुविधाएं, देखें लिस्ट
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, आयुष तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और ईएसआई की सभी योजनाओं के प्रस्तावों के लिए वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में ₹11,507.11 करोड़ को 21.73% से बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में ₹14,007.29 करोड़ करने का बजट में प्रस्ताव किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के ₹9,426.67 करोड़ के वास्तविक खर्च के मुकाबले वर्ष 2025-26 में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹10,539.96 करोड़ का प्रावधान किया था। वर्ष 2026-27 में उपरोक्त ₹14,007.29 करोड़ का आवंटन वर्ष 2025-26 के आवंटन से 32.89% अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हरियाणवी जानता है कि पिछले 10 वर्षों में भारत सरकार और हरियाणा सरकार ने मिलकर स्वास्थ्य व्यवस्था में भारी निवेश करके स्वास्थ्य तंत्र को बहुत मजबूत बनाने के पुरजोर प्रयास किए हैं और विभिन्न स्वास्थ्य मानकों में उल्लेखनीय सुधार भी हुआ है। वर्ष 2013-14 के मुकाबले प्रदेश का संस्थागत प्रसव 85.7% से बढ़कर 98.8% एवं पूर्ण टीकाकरण दर 85.7% से बढ़कर 104% हो गई है। आज प्रदेश में पूर्ण टीकाकरण दर 97.9% की राष्ट्रीय स्तर से भी अधिक है। वर्ष 2013-14 के मुकाबले मातृ मृत्यु दर 127 से घटकर 89 और शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 26 हो गई है। साथ ही, नवजात मृत्यु दर 26 से घटकर 19 और 5 वर्ष से कम आयु के शिशुओं की मृत्यु दर 45 से घटकर 30 हो गई है।
उन्होंने बताया कि सभी जिला अस्पतालों में स्वच्छता में सुधार, उन्नत शौचालय, बेहतर टाइल कार्य और बेहतर बाहरी स्वरूप देने का कार्य जून, 2026 तक पूरा किया जाएगा। पिछले बजट में दो वर्षों के भीतर सभी जिला अस्पतालों में आधुनिक सेवाएं तथा आधुनिक उपकरण जैसे- सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइजर और डिजिटल एक्सरे उपलब्ध करवाए जाने का प्रस्ताव रखा था। आज तक 18 जिलों में सीटी स्कैन, 7 जिलों में एमआरआई सेवाएं तथा सभी जिलों में अल्ट्रासाउंड सेवाएं और बल्ड एनालाइजर सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। शेष जिलों में सीटी स्कैन, एमआरआई व डिजिटल एक्सरे मशीनें 30 जून, 2026 तक उपलब्ध करवा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बजट में पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, भिवानी और महर्षि च्यवन चिकित्सा महाविद्यालय, कोरियावास में एमबीबीएस में दाखिले शुरू करने का मेरा प्रस्ताव था। इन दोनों राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में 100 एमबीबीएस विद्यार्थियों के पहले बैच का प्रवेश हो चुका है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले बजट में हिसार और पानीपत के जिला अस्पतालों को 200 से 300 बिस्तरीय तथा झज्जर के जिला अस्पताल को 100 से 200 बिस्तरीय अस्पताल करने की घोषणा की थी। जिला अस्पताल पानीपत में बिस्तरों की संख्या 200 से बढ़कर 300 हो गई है। हिसार तथा झज्जर के जिला अस्पतालों के लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां जारी कर दी गई है और दोनों जगह निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। अब वर्ष 2026-27 में जिला अस्पताल फरीदाबाद को 200 से 400 बिस्तरीय तथा जिला अस्पताल सोनीपत व रेवाड़ी को 200 से 300 बिस्तरीय अस्पताल में अपग्रेड किया जाएगा। जिला अस्पताल गुरूग्राम के 400 बिस्तरीय, रेवाड़ी व हिसार के 300 बिस्तरीय, चरखी दादरी, हांसी, झज्जर व मांडी खेड़ा के जिला अस्पतालों में अतिरिक्त 100 बिस्तरीय भवनों के निर्माण को भी वर्ष 2026-27 में शुरू किया जाएगा। एसडीएच नरवाना, नूंह के 100 बिस्तरीय तथा एसडीएच बरवाला और लोहारू के 50 बिस्तरीय भवन के निर्माण को शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि वर्ष 2026-27 में अंबाला के श्री पंजोखरा साहिब, पलवल के हसनपुर और मंडकोला, नूंह के नगीना और घासेड़ा, रेवाड़ी के धारूहेड़ा, कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद तथा गुरुग्राम के वजीराबाद और दौलताबाद के 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अपग्रेड किया जाएगा।
फरीदाबाद के जसाना और मंझावली, गुरुग्राम के रिठौज, सिधरावली और रणसिका, जिला महेंद्रगढ़ के खातोदड़ा, नूंह के साकरस, शाह चोखा, चंदेनी, लोहिंगा कलां और टाई, पलवल के गहलब, बघोला और धातीर, रेवाड़ी के टींट, कुरुक्षेत्र के थाना तथा जींद के पिपलथा में 17 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेन्द्र और आयुषमान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे छोटी इकाई है। टीकाकरण, गर्भवती की प्रसव पूर्व व प्रसव पश्चात स्वास्थ्य देखभाल व सारे संचारी एवं गैरसंचारी रोगों की निगरानी इत्यादि का कार्य यहीं किया जाता है। इसी महत्ता को देखते हुए उन्होंने प्रदेश में 100 नये स्वास्थ्य उप केन्द्र और आयुषमान आरोग्य मंदिर की स्थापना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों, उपमंडल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अग्निशमन प्रणालियों को सुदृढ़ करने हेतु ₹100 करोड़ के आवंटन से एक नई पहल शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि गत 18 अक्तूबर, 2024 को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस की शुरूआत की गई थी। अब तक कुल 2,38,954 निःशुल्क डायलिसिस सत्र 22 सरकारी संस्थानों में आयोजित हो चुके हैं। इन सत्रों पर ₹46.4 करोड़ का व्यय हुआ है। कुल 18 स्थानों नामतः महर्षि च्यवन चिकित्सा महाविद्यालय, कोरियावास, श्री अटल बिहारी चिकित्सा महाविद्यालय छांयसा, जिला अस्पताल हांसी, उपमंडल अस्पताल नारायणगढ, लाडवा, सिवानी, टोहाना, बल्लभगढ़, पटौदी, असंध , गोहाना, गुहला, नरवाना, महम, डबवाली, कोसली, महेन्द्रगढ़ व कनीना में नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला अस्पताल यमुनानगर और हिसार, बहादुरगढ़ तथा सोनीपत के उपमंडल अस्पतालों तथा करनाल और भिवानी के मेडिकल कॉलेजों में 6 नए कैथ लैब स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि हमने अपने सकंल्प पत्र में यह संकल्प किया था कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रतिवर्ष एक निःशुल्क मास्टर स्वास्थ्य जांच का आयोजन करेंगे। आय मानदंड की परवाह किए बिना निरोगी-हरियाणा योजना को प्रदेश के 70 वर्ष से बड़े सभी नागरिकों को उन्हें निःशुल्क रक्त जांच सुविधा दी जाएगी।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए चौबीसों घंटे सिजेरियन सेवाएं प्रदान करने वाली एफ.आर.यू. (First Referral Unit) की संख्या 92 से बढ़ाकर 100 की जाएगी। इसी प्रकार 8 नये एफ.आर.यू. अम्बाला की सी.एच.सी. चौड़मस्तपुर, फतेहाबाद की सी.एच.सी. भटटूकलां, झज्जर की सी.एच.सी. छारा, कैथल की सी.एच.सी. कौल, कुरुक्षेत्र की सी.एच.सी. मथाना और सोनीपत की सी.एच.सी. बढखालसा में खोले जाएंगे। नवजात शिशु उपचार हेतु हांसी, कालका, तावडू और बल्लभगढ़ में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 70 नई एडवांस लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस और 167 नई बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस खरीदी जाएगी। मानसिक स्वास्थ्य की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक परामर्शदाता की नियुक्ति की जाएगी। ये परामर्शदाता माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में जाकर भी परामर्श सेवाएं प्रदान करेंगे।
उन्होंने बताया कि हरियाणा मेडिकल सर्विसिज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अंतर्गत एक समर्पित अवसंरचना प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं, उपकरणों और सेवाओं की उचित योजना, रखरखाव और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2024-25 में सार्वजनिक अस्पतालों द्वारा ₹160 करोड़ की लागत से 2.94 लाख मरीजों का इलाज किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 में इन द्वारा ₹299 करोड़ से 4.29 लाख मरीजों का इलाज किया गया। वर्ष 2026-27 में इस योजना के अंतर्गत सार्वजनिक अस्पतालों में आने वाले मरीजों की संख्या को दोगुना करने का सरकार का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ₹135 करोड़ की लागत से आयुष शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के लिए श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में भवन निर्माण किया जाएगा।
गांवों में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक रूप से पहुँचाने के लिए यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़ और करनाल में 25 नए आयुष औषधालय खोले जाएंगे।
उन्होंने बताया कि बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में लड़कों एवं लड़कियों के छात्रावासों का निर्माण तथा शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय क्वार्टर , एक फार्मेसी, व्याख्यान कक्ष और एक बहुउद्देश्य हॉल, एक योग हॉल और एक आयुष वैलनेस सेंटर खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सभी औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों के लिए प्रति दिन योग ब्रेक शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उनके लिए साप्ताहिक स्वास्थ्य अभियान आयोजित किए जाएंगे।
