Haryana: हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों व पेंशनरों को बड़ा झटका, अब इस चीज का नहीं मिलेगा वेतन और पेंशन

 
Haryana: हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों व पेंशनरों को बड़ा झटका, अब इस चीज का नहीं मिलेगा वेतन और पेंशन
Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाली LTC (Leave Travel Concession) सुविधा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। जानकारी के मुताबिक, नए निर्देशों के अनुसार अब कर्मचारी पर्यटन के स्थान पर एक महीने का अतिरिक्त वेतन या पेंशन लेने का विकल्प नहीं चुन सकेंगे। 

मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में LTC का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को वास्तविक रूप से यात्रा करनी होगी। इस संबंध में मानव संसाधन विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। Haryana LTC Rules

लागू होंगे नए नियम

जानकारी के मुताबिक, मानव संसाधन विभाग के अनुसार यह नई व्यवस्था 1 जनवरी 2028 से लागू होगी। इसके साथ ही वर्ष 2009 और उसके बाद जारी किए गए वे सभी आदेश रद्द कर दिए गए हैं, जिनके तहत कर्मचारियों को LTC के बदले एक महीने का वेतन लेने की अनुमति दी गई थी। Haryana LTC Rules

कर्मचारी होंगे प्रभावित

मिली जानकारी के अनुसार, इस फैसले का असर राज्य के बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। इसमें सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों के नियमित कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त पेंशनभोगी, HKRN के माध्यम से नियुक्त आउटसोर्स कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी और ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारी भी इस निर्णय के दायरे में आएंगे। विभिन्न वैधानिक निकायों के अध्यक्ष और गैर-आधिकारिक सदस्य भी इससे प्रभावित होंगे। Haryana LTC Rules

पुरानी सुविधा का लाभ

जानकारी के मुताबिक, सरकार के अनुसार मौजूदा 2026–2029 LTC ब्लॉक के दौरान कर्मचारी 31 दिसंबर 2027 तक ही एक महीने की सैलरी या पेंशन के विकल्प का लाभ ले सकेंगे। इसके बाद यह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। इस अवधि में लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को पुराने नियमों के अनुसार यात्रा से संबंधित विवरण और खर्च के दस्तावेज जमा कराने होंगे। Haryana LTC Rules

बढ़ावा देना है उद्देश्य

मिली जानकारी के अनुसार, सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य LTC योजना को उसके मूल मकसद, यानी पर्यटन और यात्रा को बढ़ावा देने से जोड़ना है। इससे कर्मचारियों को वास्तव में यात्रा करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।