हरियाणा एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के अकाउंट कंट्रोलर पद से बर्खास्त, सरकारी पैसों के गबन का आरोप
जानकारी के मुताबिक, राजेश सांगवान को विजिलेंस और ACB की टीम ने 14 मार्च को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें सस्पेंड किया गया था। सांगवान पर बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर सरकारी पैसों के गबन की साजिश का आरोप लगा था। Haryana News
गलत तरीके से खोले खाते
मिली जानकारी के अनुसार, स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के नाम पर IDFC फर्स्ट बैंक में करीब एक साल पहले खाता खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस प्रक्रिया में कथित तौर पर नियमों को साइडलाइन कर खाते खोले गए। इन अकाउंट्स का प्रयोग संदिग्ध लेन-देन के लिए किया गया। मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। विजिलेंस टीम इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। Haryana News
जांच में खुलासे...
जानकारी के मुताबिक, राजेश सांगवान की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस जांच में खुलासा हुआ कि यह एक प्री प्लानड फाइनेंसियल घोटाला है। इसमें ऑफिसियल प्रोसीजर में हेरफेर कर फर्जी लेन-देन किए गए। आरोपियों ने सरकारी पैसे को शेल कंपनियों और कथित खातों में ट्रांसफर किया। Haryana News
आदेश से मिली जानकारी के अनुसार, राजेश सांगवान बोर्ड के बैंक खातों के संचालन और फाइनेंसियल ऑर्डर के लिए जिम्मेदार थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि IDFC फर्स्ट बैंक में खोले गए खातों में भी फर्जी लेनदेन किया गया। इस मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।




