दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ ग्रीन बेल्ट का होगा समुचित विकास, सेक्टर-61 से 65 और सेक्टर-32-33 तक हरित विकास की योजना, नगर वन भी होगा शामिल

 
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ ग्रीन बेल्ट का होगा समुचित विकास, सेक्टर-61 से 65 और सेक्टर-32-33 तक हरित विकास की योजना, नगर वन भी होगा शामिल

 सड़कों के रखरखाव के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम जरूरी : डी.एस. ढेसी

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- इलेक्ट्रिक बस सेवा के लिए आधारभूत ढांचा समयबद्ध तैयार करें

- सीएंडडी वेस्ट साइटों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें अधिकारी

- वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक्शन प्लान की समीक्षा, सड़कों की नियमित सफाई पर जोर

- शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में 14वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित


फरीदाबाद, 9 सितंबर।
शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी की अध्यक्षता में आज लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला फरीदाबाद में चल रही विभिन्न परियोजनाओं पर डिविज़नल कमिश्नर संजय जून, नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह, सीईओ एफएमडीए पी सी मीणा, डीसी आयुष सिन्हा, एचएसवीपी एडमिनिस्ट्रेटर धीरज और अन्य संबंधित विभागों व एजेंसी के अधिकारियों के साथ 14वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं, बजटीय प्रावधानों तथा भूमि प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।  

शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी ने ग्रीन बेल्ट एवं प्लांटेशन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि लगभग 26 करोड़ रुपये की परियोजना को दो भागों में क्रियान्वित किया जा रहा है। लगभग 5.25 किलोमीटर क्षेत्र में प्लांटेशन का कार्य प्रगति पर है, जिसमें करीब 900 मीटर क्षेत्र में प्लांटेशन पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार ख़राब होते मौसम के कारण कार्य की गति कुछ समय के लिए प्रभावित हुई, लेकिन एजेंसी द्वारा कार्य पुनः गति से किया जा रहा है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ ग्रीन बेल्ट का होगा समुचित विकास, सेक्टर-61 से 65 और सेक्टर-32-33 तक हरित विकास की योजना, नगर वन भी होगा शामिल
शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी ने निर्देश दिए कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड से लगभग 300 एमएम नीचे के स्तर को ध्यान में रखते हुए ग्रीन बेल्ट का समुचित विकास किया जाए। जहां ब्लॉक लेयर के आसपास मिट्टी एवं सीएंडटी वेस्ट के ढेर पाए गए हैं, उन्हें प्राथमिकता से हटाकर निर्धारित स्थान पर भेजा जाए। अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर फरीदाबाद स्थित ग्रीन वेस्ट साइट पर ऐसे मटेरियल को हटाकर भराव किया जाएगा तथा आगामी मानसून सीजन से पहले संबंधित कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की योजना है, ताकि जुलाई माह तक अगली प्लांटेशन गतिविधियों के लिए साइट पूरी तरह तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि व्यापक प्लांटेशन योजना के तहत हाईवे के दोनों ओर लगभग 17 से 18 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें उपयुक्त स्थानों पर पार्क विकसित करने की योजना भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ हिस्से ग्राउंड, फॉरेस्ट नर्सरी तथा दिल्ली की ओर के प्रारंभिक क्षेत्र होने के कारण प्लांटेशन से बाहर रहेंगे। साथ ही सेक्टर-61-62 डिवाइडिंग रोड पर लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में नगर वन विकसित करने की योजना को भी इसी व्यापक हरित विकास कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सेक्टर-64-65, सेक्टर-62-63, सेक्टर-62-65 डिवाइडिंग रोड, सेक्टर-61 की आउटर रोड तथा सेक्टर-32-33 औद्योगिक क्षेत्र के पास उपलब्ध स्थानों को भी योजना के तहत विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।

सड़कों के रखरखाव के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम जरूरी
शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी ने कहा कि सड़क रखरखाव के लिए केवल औपचारिक निरीक्षण पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक प्रभावी एवं जवाबदेह मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि अगस्त माह में  कार्यालय आदेश जारी कर प्रत्येक पखवाड़े संबंधित अधिकारियों द्वारा सड़कों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं तथा निरीक्षण के लिए निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि डिफेक्ट्स लायबिलिटी पीरियड (DLP Clause)  वाली सड़कों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी गड्ढे, शोल्डर की खराब स्थिति, फुटपाथ या जलभराव जैसी समस्या हो, उसका तत्काल समाधान किया जाए। विशेष रूप से बारिश के दौरान लो-पॉइंट पर होने वाले जलभराव को ध्यान में रखते हुए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक मटेरियल एवं मशीनरी के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए।

इलेक्ट्रिक बस सेवा के लिए आधारभूत ढांचा समयबद्ध तैयार करें
बैठक में शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बस सेवा की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के ट्रायल से संबंधित कार्यवाही आगे बढ़ रही है और फरीदाबाद के लिए संबंधित कन्सेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। बस स्टैंड के विकास से संबंधित डिपॉजिट वर्क संबंधित एजेंसियों को सौंपा गया है। निर्धारित कार्य पूरा होने के बाद लगभग दो से तीन माह में बस स्टैंड का आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना है, जिसके पश्चात कन्सेशन से संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। श्री ढेसी ने निर्देश दिए कि इलेक्ट्रिक बस सेवा के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे को समयबद्ध तरीके से तैयार किया जाए।

सीएंडडी वेस्ट साइटों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें अधिकारी
शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी ने निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सीएंडडी वेस्ट) प्रबंधन की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि सीएंडडी वेस्ट उत्पन्न होने वाले क्षेत्रों की पहचान, साइट निरीक्षण, पीएम सेंसर, डिस्प्ले बोर्ड, ग्रीन नेट तथा विंड बैरियर जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। संबंधित निर्माण स्थलों को निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम क्षेत्र में सेकेंडरी कलेक्शन सेंटरों की पहचान का कार्य भी किया जा रहा है। पांच सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर चिन्हित किए जा चुके हैं तथा शेष स्थलों की पहचान निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएगी। प्रस्तावित प्रोसेसिंग प्लांट के साथ इन सेकेंडरी कलेक्शन सेंटरों को एकीकृत करने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है।

वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक्शन प्लान की समीक्षा, सड़कों की नियमित सफाई पर जोर
शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी ने वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक लागू किए जाने वाले एक्शन प्लान की समीक्षा की। इसमें जन-जागरूकता गतिविधियों के साथ-साथ सड़कों की नियमित सफाई, रोड स्वीपिंग तथा मानसून के दौरान सड़कों के किनारे जमा गाद को हटाने जैसे कार्य शामिल हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संबंधित एजेंसियों द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य किया जाए।

विकास कार्यों में तेजी के साथ नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें
शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी ने यमुना के साथ लगते क्षेत्र में शहरी विस्तार तथा बाढ़ प्रबंधन से संबंधित संभावनाओं पर चर्चा की। सिंचाई विभाग तथा लोक निर्माण विभाग से संबंधित क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था, संभावित बंध तथा उससे जुड़े अनुमानित कार्यों की जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में चल रहे विकास कार्यों का उद्देश्य केवल परियोजनाओं को पूरा करना नहीं, बल्कि शहर में बेहतर सड़क व्यवस्था, हरित क्षेत्र, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक परिवहन और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है। इसके लिए विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, स्पष्ट जिम्मेदारी और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा में उन्हें पूरा किया जाए तथा किसी भी स्तर पर आने वाली बाधा का संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।