विश्वविद्यालयों के गेस्ट फैकल्टी को मिलेगी सेवा सुरक्षासरकार ला रही है नया अधिनियम 2026: महीपाल ढांडा

 
विश्वविद्यालयों के गेस्ट फैकल्टी को मिलेगी सेवा सुरक्षा, सरकार ला रही है नया अधिनियम 2026: महीपाल ढांडा

 

 

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) के कुलपति की अध्यक्षता में बनी कमेटी के सुझावों पर सरकार ने तैयार किया नया सेवा सुरक्षा अधिनियम 2026

 

चंडीगढ़,1 सितंबर हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आज सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने विश्वविद्यालयों के अतिथि प्राध्यापकों (गेस्ट फैकल्टी) के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा की। शिक्षा मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि सरकार अब कॉलेजों की तर्ज पर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि प्राध्यापकों को भी सेवा सुरक्षा प्रदान करने के लिए 'नया सेवा सुरक्षा अधिनियम 2026' लाने जा रही है।

हरियाणा यूनिवर्सिटी कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर एसोसिएशन और हरियाणा यूनिवर्सिटी पार्ट टाइम टीचर एसोसिएशन द्वारा उठाए गए मुद्दों पर राज्य सरकार के अनुमोदन से एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक के कुलपति की अध्यक्षता में बनी इस समिति ने गहन विचार-विमर्श के बाद अतिथि प्राध्यापकों को सेवा सुरक्षा देने की सिफारिश की है।

शिक्षा मंत्री ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के कॉलेजों में 'सेवा सुरक्षा अधिनियम 2024' को पहले ही सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका हैजिसके तहत 2,095 कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का लाभ मिल चुका है। अब इसी तर्ज पर विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों के लिए 2026 का नया अधिनियम लाया जा रहा है।

MDU के कुलपति की अध्यक्षता वाली कमेटी ने सेवा सुरक्षा प्रदान करने के लिए निम्नलिखित 6 प्रमुख मापदंड तय किए हैं। शिक्षक ने 30 जून 2023 तक सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) पद के लिए निर्धारित सभी आवश्यक पात्रता शर्तें पूरी कर ली हों।

सेवा अवधि: शिक्षक ने 15 अगस्त 2024 तक कम से कम 5 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण कर ली हो और वह वर्तमान में भी कार्यरत हो।

आयु सीमा: शिक्षक की आयु 15 अगस्त 2024 तक 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।

पिछला शिक्षण कार्य: शिक्षक ने वर्ष 2019-20 से 2023-24 की अवधि के दौरान प्रति माह न्यूनतम 16 घंटे या उससे अधिक शिक्षण कार्य किया हो।

वर्तमान शिक्षण कार्य: वर्तमान में भी शिक्षक प्रति सप्ताह कम से कम 16 घंटे का अध्यापन कार्य कर रहा हो।

पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया: शिक्षक की नियुक्ति उचित समाचार पत्र विज्ञापन के माध्यम से और विधिवत गठित चयन समिति (Selection Committee) द्वारा की गई हो।

शिक्षा मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षकों के हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस नए अधिनियम से विश्वविद्यालयों में वर्षों से सेवाएं दे रहे योग्य अतिथि प्राध्यापकों का भविष्य सुरक्षित और स्थायित्व भरा बनेगा।