Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में शहर के वार्ड आठ की हनुमान नगर कॉलोनी वर्ष 2004 से सरकार की ओर से घोषित वैध कॉलोनी की श्रेणी में आती रही। जानकारी के मुताबिक, अब उसी कॉलोनी को नगर परिषद की रिपोर्ट के आधार पर अवैध कर दिया गया। लोगों को रजिस्ट्री करवाते समय पता चला कि उनकी कॉलोनी तो कागजों में अवैध है। Haryana News
प्लॉट की रजिस्ट्री
मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड आठ के पार्षद नरेश नैन के साथ रजिस्ट्री न होने से परेशान राजेंद्र शास्त्री व दिनेश नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। नरेश नैन ने बताया कि वर्ष 2004 के तहत उनके वार्ड की हनुमान नगर कॉलोनी वैध है और जिस प्लॉट की रजिस्ट्री करवाई जानी है, वह भी वैध कॉलोनी के अंतर्गत आता है, लेकिन नगर परिषद सचिव संदीप ने उनके साथ दुर्भावना रखते हुए कॉलोनी को अवैध कर दिया। Haryana News जानकारी के मुताबिक, इससे प्रापर्टी की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही। चार जून को नगर परिषद की हाउस बैठक में मंत्री कृष्ण बेदी के समक्ष यह मामला उठाया गया था। मंत्री ने कहा था कि सचिव के साथ पार्षद तालमेल बनाते हुए इस समस्या का तीन दिन में समाधान करवा लें। 12 दिन बीत जाने के बाद भी सचिव ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। Haryana News मिली जानकारी के अनुसार, छह जून को भी मंत्री कृष्ण बेदी के सामने जिला नगर आयुक्त को शिकायत दी थी। उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सचिव संदीप कहते हैं, जेई, एमई ने रिपोर्ट बनाकर दी थी, उसके आधार पर ही अप्रूव्ड कॉलोनी से अनअप्रूव्ड की गई है। जबकि सचिव को यह देखना चाहिए था कि जेई, एमई द्वारा बनाई रिपोर्ट सही है या नहीं। उन्होंने मंत्री कृष्ण बेदी से कार्रवाई की मांग की है। Haryana News
बनवाई थी प्रापर्टी आईडी
जानकारी के मुताबिक, राजेंद्र शास्त्री, दिनेश ने बताया कि कई महीने धक्के खाकर पहले तो प्रापर्टी आइडी बनवाई। उसके बाद नो ड्यूज लेने के लिए प्रापर्टी टैक्स भरा। जब रजिस्ट्री करवाने तहसील गए, तो वहां पता चला कि उनकी कॉलोनी तो कागजों में अनअप्रूव्ड है। जिससे उनके प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। Haryana News मिली जानकारी के अनुसार, राजेंद्र शास्त्री, दिनेश ने बताया कि कई महीने धक्के खाकर पहले तो प्रापर्टी आइडी बनवाई। उसके बाद नो ड्यूज लेने के लिए प्रापर्टी टैक्स भरा। जब रजिस्ट्री करवाने तहसील गए, तो वहां पता चला कि उनकी कॉलोनी तो कागजों में अनअप्रूव्ड है। जिससे उनके प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। Haryana News जानकारी के मुताबिक, रजिस्ट्री के लिए 55 हजार रुपये के स्टांप भी कटवा चुके थे। रजिस्ट्री न होने पर स्टांप बेकार जाएंगे और उनको हजारों रुपये की हानि होगी। दिनेश ने बताया कि वे 18 महीने पहले खरीदे प्लॉट के पैसे दे चुके हैं, उन पर रजिस्ट्री करवाने का दबाव है। अनअप्रूव्ड कॉलोनी दिखाए जाने पर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।