हरियाणा के पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला पुलिस की गाड़ी पर लटके, बोले- पुलिस ने कुचलने की कोशिश की

 
हरियाणा के पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला पुलिस की गाड़ी पर लटके, बोले- पुलिस ने कुचलने की कोशिश की
Naya Haryana : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के हिसार में गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में हुए बवाल के बाद आज शुक्रवार को भी जमकर हंगामा हुआ। जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तारी देने SP ऑफिस जा रहे पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि पुलिस की एक गाड़ी से उन्हें सब्जी मंडी पुल पर कुचलने का प्रयास किया। सादी वर्दी में एक पुलिसकर्मी ने उन पर वैपन तान दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक पुलिस की गाड़ी दुष्यंत चौटाला की एस्कॉर्ट गाड़ी के सामने खड़ी है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी हाथ में पिस्टल लेकर धमकाता हुआ दिख रहा है। जैसे ही दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला वहां पहुंचे, वह पुलिसकर्मी गाड़ी में बैठ गया। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, दुष्यंत ने गाड़ी पर चढ़कर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिसवालों ने गाड़ी भगा ली। इसके बाद दुष्यंत की सिक्योरिटी ने उन्हें संभाला। तभी एक पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में मौके पर पहुंचा, जिसे दिग्विजय चौटाला ने धक्का दे दिया। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, GJU विवाद पर हिसार पुलिस ने JJP के युवा अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला समेत कई कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किया है। 6 नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया। दोपहर बाद दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला ने एसपी सिद्धांत जैन से मुलाकात की। वापस आकर दुष्यंत ने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन करेंगे। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, हिसार SP ने दुष्यंत के आरोपों पर कहा- वीडियो में मारपीट जैसे चीजें नहीं दिख रहीं। अगर शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिसार में BNS की धारा 163 (पहले 144) लागू की गई है।

जाने  GJU में क्या हुआ था…

मिली जानकारी के अनुसार, JJP की युवा विंग GJU में 16 अप्रैल को युवा सम्मेलन करना चाहती थी। मगर, वाइस चांसलर नरसी राम बिश्नोई ने कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी। इसके बाद JJP ने साथ लगती यादव धर्मशाला में कार्यक्रम रखा। यहां पहुंचने पर दिग्विजय चौटाला ने छात्रों को संबोधित किया और VC के सम्मेलन की इजाजत न देने पर नाराजगी जताई। इसी दौरान उन्होंने VC ऑफिस घेरने का ऐलान किया, जिसके बाद छात्र और JJP कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए VC ऑफिस पहुंच गए और हंगामा किया। पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड भी हटा दिए। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, जैसे ही JJP कार्यकर्ता और छात्र VC ऑफिस पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। छात्र VC से बात कराने की मांग करने लगे, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया। इसके बाद छात्र भड़क गए और VC ऑफिस के दरवाजे को तोड़ दिया। गमले भी इधर-उधर फेंक दिए। इस हंगामे के वक्त दिग्विजय चौटाला भी मौजूद थे।

मिली जानकारी के अनुसार, इसके बाद JJP कार्यकर्ता और छात्र उग्र हो गए। उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। इसे देखते हुए और पुलिसबल बुला लिया गया। महिला पुलिसकर्मी भी आ गईं। प्रदर्शनकारियों को उग्र होते हुए महिला पुलिसकर्मी आगे आईं तो दिग्विजय चौटाला ने यह कहते हुए टोका था कि लड़कों के प्रदर्शन में महिला पुलिस कर्मियों को किस लिए बुलाया गया है? Haryana News

जानकारी के मुताबिक, हंगामा बढ़ता देख VC पिछले गेट से निकल गए। इसका पता चलते ही दिग्विजय चौटाला और JJP कार्यकर्ता VC ऑफिस के सामने ही धरना देकर बैठ गए। दिग्विजय ने कहा कि जो VC अपनी कुर्सी और यूनिवर्सिटी नहीं संभाल सकता, वो छात्रों का भविष्य कैसे संवारेगा।

VC ने कहा था-

मिली जानकारी के अनुसार, GJU के VC नरसी राम बिश्नोई ने कहा था कि पुलिस को समय रहते छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सूचना दे दी गई थी। सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक हुर्ह है। प्रदर्शनकारियों को गेट के आगे आना था, मगर वह कार्यालय तक पहुंच गए। प्रदर्शन के नाम पर कुछ लोग गुंडागर्दी करने पहुंचे। कोई डिमांड तक वह देकर नहीं गए। जहां तक स्थान की बात है तो हमारे पहले से ही कार्यक्रम तय थे और हॉल बुक थे। इस बारे में छात्रों को पहले ही बता दिया था। Haryana News

केस दर्ज

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले में आपराधिक अतिचार, दंगा भड़काना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, और लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना जैसी विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही, छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। Haryana News

SP सिद्धांत जैन ने कहा कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और पुलिस बल पर हमला करना गंभीर अपराध है।