हरियाणा में सड़क निर्माण में लापरवाही पर दर्ज होगी FIR, हादसे के लिए जिम्मेदार होंगे कर्मचारी अधिकारी

डीसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सडक़ों पर गड्ढों की वजह से कोई हादसा या किसी व्यक्ति की जान जाती है तो संबंधित विभाग के अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
 
हरियाणा में सड़क निर्माण में लापरवाही पर दर्ज होगी FIR, हादसे के लिए जिम्मेदार होंगे कर्मचारी अधिकारी

 


 

हरियाणा के भिवानी में डीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में रोड सेफ्टी की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। समीक्षा बैठक में डीसी ने सडक़ निर्माण संबंधी विभागों को साफ-साफ शब्दों में सख्त निर्देश दिए कि सडक़ों पर बने गड्डों की वजह से कोई हादसा ना हो। सडक़ों पर बने गड्ढों को तुरंत प्रभाव से भरा जाए।

डीसी ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को भी कड़े निर्देश दिए कि सडक़ों के किनारे जहां-जहां पेयजल पाइप लाइन लीकेज है, उनको तुरंत दुरुस्त करें ताकि पानी के ठहराव की वजह से सडक़ों पर गड्ढे ना बनें। डीसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सडक़ों पर गड्ढों की वजह से कोई हादसा या किसी व्यक्ति की जान जाती है तो संबंधित विभाग के अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।

समीक्षा बैठक में एसडीएम एवं सचिव आरटीए महेश कुमार ने पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान सीटीएम अनिल कुमार, सिवानी से एसडीएम विजया मलिक, तोशाम से एसडीएम संदीप कुमार और सीएसपी अनूप कुमार मौजूद रहे।

डीसी गुप्ता ने लोक निर्माण विभाग, जिला परिषद, पंचायती राज, शहरी स्थानीय निकाय और नेशनल हाईवे अथॉरिटी को निर्देश दिए कि जहां-जहां उनसे संबंधित विभागों की सडक़ों की मरम्मत या नवनिर्माण का कार्य होना है, उनको तुरंत प्रभाव से निर्धारित समय अवधि में पूरा करवाएं। हालांकि बारिश के मौसम के चलते सडक़ मरम्मत या निर्माण का कार्य प्रभावित हुआ है लेकिन अब जैसे ही बारिश का मौसम समाप्त होता है, उसके साथ ही सडक़ निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी ना हो और जर्जर बनी सडक़ों पर हादसे से ना हों। इसके साथ इन्होंने कहा कि सडक़ निर्माण या मरमत कार्य में गुणवत्ता पूर्वक निर्माण सामग्री का प्रयोग होना चाहिए।

डीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि सडक़ निर्माण से संबंधित विभाग म्हारी सडक़ एप पर गड्ढों से संबंधित पहुंची शिकायतों का तुरंत प्रभाव से निवारण करें। चंडीगढ़ मुख्यालय पर भी इस ऐप पर पहुंची समस्याओं की समीक्षा की जा रही है। ऐसे में अधिकारी म्हारी सडक़ एप को अन्यथा में ना लें और गंभीरता के साथ कार्रवाई करके रिपोर्ट भिजवाना सुनिश्चित करें। डीसी ने तेलंगाना के एक मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए नेशनल हाईवे को निर्देशों की पालना के बारे में भी जरूरी निर्देश दिए।

ओवरस्पीड वाहनों के किए जाएं चालान

डीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि सडक़ हादसों पर अंकुश लगाने के लिए वाहनों की स्पीड पर कंट्रोल करना जरूरी है। ऐसे में ओवर स्पीड चलने वाले दो पहिया और हैवी व्हीकल के चालान किए जाएं। विशेष तौर पर ब्लैक स्पॉट पर ध्यान दिया जाए कि कोई भी वहां और स्पीड में ना चलें। युवाओं को यातायात के नियमों की पालना करने के बारे में जागरूक किया जाए।

स्कूली वाहनों के चालकों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र चेक किया जाए

स्कूल वाहन पॉलिसी की समीक्षा करते हुए डीसी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से बढक़र उनके लिए कुछ नहीं है। स्कूली बसों व अन्य स्कूली वाहनों पर नियुक्त चालकों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र चेक किया जाए। स्कूल वाहन पॉलिसी से संबंधित सभी जरूरी उपकरण या पैरामीटर पूरे होने चाहिए, इसके लिए प्राचार्य को सख्त निर्देश दिए जाएं। उन्होंने सभी एसडीएम को महीने में कम से कम पांच स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।