हरियाणा के कुरुक्षेत्र धान घोटाले में DFSC के निर्देश पर 2 मिलर्स पर FIR, करोड़ों रुपये का घपला

 
हरियाणा के कुरुक्षेत्र धान घोटाले में DFSC के निर्देश पर 2 मिलर्स पर FIR, करोड़ों रुपये का घपला
Naya Haryana : हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के पिहोवा में बड़ा धान घोटाला होने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, सरकारी धान की मिलिंग और कस्टम मिल्ड राइस (CMR) डिलीवरी में गड़बड़ी पाए जाने पर FIR दर्ज हुई है। आरोप है कि सरकारी धान का दुरुपयोग कर सरकार को ब्याज समेत करीब 8 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर लविश कुमार ने पुलिस को बताया कि पार्टनर नवदीप सिंह और जगमाल सिंह की मिल को साल 2023-24 में पैक्स के जरिए से सरकारी धान आवंटित किया गया था। विभागीय अनुमति और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद मिल को करीब 64,993 क्विंटल धान मिलिंग के लिए दिया गया। Haryana News

67 प्रतिशत करवाना था जमा

जानकारी के मुताबिक, मिल प्रबंधन को इसके बदले भारतीय खाद्य निगम (FCI) में 67 प्रतिशत यानी करीब 43,545 क्विंटल चावल जमा करवाना था।, लेकिन जांच में सामने आया कि मिल ने करीब 24,660 क्विंटल चावल ही जमा करवाया। करीब 18,885 क्विंटल चावल की डिलीवरी लंबित पाई गई। Haryana News

बार-बार नोटिस

शिकायतकर्ता से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग की ओर से मिल प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी किए गए। साथ ही चावल जमा करवाने की अवधि भी बढ़ाई गई, लेकिन पूरा चावल जमा नहीं करवाया गया। दिसंबर 2023 को मिल प्रबंधन ने विभाग को लिखित आश्वासन दिया था कि मिल में पर्याप्त धान मौजूद है और तय समय पर डिलीवरी दी जाएगी। Haryana News

डिलीवरी अधूरी

रिपोर्ट की जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान रिकॉर्ड में स्टॉक सही दिखाया गया था। इसके बावजूद सरकार की तय समय सीमा 30 जून, 2024 तक डिलीवरी पूरी नहीं की गई। बाद में सितंबर 2024 तक अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन तब भी 100 प्रतिशत चावल फिर भी जमा नहीं कराया गया। हालांकि नोटिस के बाद करीब 49 लाख रुपए की राशि जमा करवाई गई। Haryana News

केस पर दर्ज

मिली जानकारी के अनुसार, विभाग के इंस्पेक्टर लविश कुमार ने बताया कि DFSC नरेश कुमार की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। उधर, थाना सदर पिहोवा में कार्यरत जांच अधिकारी ASI राजेश कुमार का कहना है कि पुलिस मिलिंग रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और लेनदेन की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।