PPP में फर्जी नामों पर चलेगी कैंची, हरियाणा सरकार ने शुरू की ऑनलाइन डिलीट सुविधा
पूरे राज्य के परिवारों का डाटाबेस तैयार किया गया
परिवार पहचान पत्र हरियाणा सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत राज्य के परिवारों का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया गया है। इसी डाटाबेस के आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और कल्याणकारी लाभों का वितरण किया जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से कई लोगों ने शिकायत की थी कि उनके परिवार रिकॉर्ड में ऐसे व्यक्तियों के नाम शामिल हो गए हैं, जिनका उनके परिवार से कोई संबंध नहीं है।
सरकार ने ‘डिलीट अनवांटेड मेंबर’ मॉड्यूल को अपग्रेड किया
राज्य पीपीपी समन्वयक डॉ. सतीश खोला ने बताया कि विभाग को लंबे समय से इस प्रकार की शिकायतें मिल रही थीं। कई मामलों में गलत नामों की पहचान होने के बावजूद तकनीकी कारणों से उन्हें हटाने में कठिनाई आ रही थी। इससे लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने ‘डिलीट अनवांटेड मेंबर’ मॉड्यूल को अपग्रेड किया है। नई व्यवस्था के तहत अब नागरिक अपने परिवार रिकॉर्ड में गलती से जुड़े या अज्ञात व्यक्तियों के नाम हटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे लोगों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे। डॉ. सतीश खोला के अनुसार, नई प्रणाली लागू होने से शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया तेज होगी और नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे पीपीपी डाटाबेस की शुद्धता बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र परिवारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
नई व्यवस्था के तहत सबसे पहले नागरिकों को अपने परिवार से जुड़े पीपीपी आईडी का चयन करना होगा। इसके बाद पोर्टल पर संबंधित परिवारों की सूची दिखाई देगी, जिसमें परिवार के मुखिया का नाम और पंजीकृत मोबाइल नंबर के अंतिम चार अंक भी प्रदर्शित होंगे। इससे सही परिवार रिकॉर्ड की पहचान करना आसान होगा। इसके बाद परिवार के मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन स्वतः संबंधित अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के पास मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। एडीसी द्वारा आवेदन और दस्तावेजों की जांच करने के बाद यदि नाम गलत तरीके से जोड़ा गया पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति का नाम परिवार रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार का मानना है कि यह कदम डिजिटल प्रशासन को और मजबूत बनाएगा तथा परिवार पहचान पत्र डाटाबेस को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
