हरियाणा के जींद में ETO और CA 3 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, ETO ने CA के माध्यम से मांगी थी 5 लाख की रिश्वत

 
हरियाणा के जींद में ETO और CA 3 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, ETO ने CA के माध्यम से मांगी थी 5 लाख की रिश्वत

स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (SV & ACB), यूनिट जींद ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेट जीएसटी के ईटीओ द्वेश साहू को चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के माध्यम से 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ब्यूरो की टीम ने ईटीओ के लिए रिश्वत की राशि लेने वाले निजी सीए अजय शर्मा को 3 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है। इस संबंध में एफआईआर नंबर 24, दिनांक 10.09.2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 एवं 7ए के तहत थाना SV & ACB, करनाल में दर्ज की गई है।

- *ईटीओ ने सीए के माध्यम से मांगी रिश्वत, 3 लाख रुपये लेते सीए गिरफ्तार*

मामले में शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को शिकायत दी कि उसकी फर्म मेसर्स अमन लेयलैंड, जींद के संबंध में एसजीएसटी एवं सीजीएसटी एक्ट, 2017 की धारा 74 के तहत 75,29,559 रुपये का नोटिस जारी किया गया था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ईटीओ द्वेश साहू ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नोटिस के संबंध में कार्रवाई न करने की एवज में 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। ईटीओ ने यह रिश्वत अपने सहयोगी निजी सीए अजय शर्मा के माध्यम से लेने की व्यवस्था की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसवी एंड एसीबी, यूनिट जींद की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। ट्रैप के दौरान निजी सीए अजय शर्मा को ईटीओ द्वेश साहू के लिए 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई। मामले में आगे की जांच जारी है।

- *भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति : डॉ. ए.एस. चावला*

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा के निदेशक डॉ. ए.एस. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ब्यूरो की जीरो टॉलरेंस की नीति है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा सीधे या किसी माध्यम से रिश्वत मांगना या लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी सरकारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर दें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।