दिल्ली में 1 नवंबर से बीएस-6 से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध

 
दिल्ली में 1 नवंबर से बीएस-6 से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध

नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई : डीटीओ
 
इलेक्ट्रिक, सीएनजी, एलएनजी और आपातकालीन सेवाओं तथा सरकारी विशेष ड्यूटी वाले वाहनों को रहेगी छूट

बहादुरगढ़, 28 अक्टूबर।

एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 1 नवंबर 2026 से देश की राजधानी दिल्ली में वाहनों के प्रवेश को लेकर नए नियम लागू होंगे। इन नियमों के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे वाहन, जिनका उत्सर्जन मानक बीएस-6 से नीचे है, उन्हें दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह प्रतिबंध 30 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। इसमें मालवाहक वाहन और बसें भी शामिल हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) रवीश हुड्डा ने दी।
डीटीओ ने बताया कि वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग, हरियाणा सरकार की ओर से वाहन चालकों और परिवहन संचालकों को नए नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। 1 नवंबर से दिल्ली में प्रवेश करने से पहले वाहन चालक अपने वाहन के उत्सर्जन मानक की जांच अवश्य कर लें। बीएस-6 से नीचे के मानक वाले दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करना चाहिए।

इलेक्ट्रिक, सीएनजी और एलएनजी वाहनों को छूट

डीटीओ ने बताया कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार इलेक्ट्रिक (ईवी), सीएनजी और एलएनजी से चलने वाले वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं तथा सरकारी संप्रभु कर्तव्यों के निर्वहन में लगे वाहनों को भी छूट मिलेगी। उन्होंने कहा कि बस संचालक, मालवाहक वाहन मालिक और ट्रांसपोर्ट यूनियनें नए नियमों की जानकारी अपने सभी चालकों तक पहुंचाएं, ताकि नियम लागू होने के बाद किसी प्रकार की परेशानी न हो।

नियमों की पालना सुनिश्चित करें वाहन चालक
डीटीओ रवीश हुड्डा ने वाहन चालकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करें। उन्होंने कहा कि वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है। ऐसे में प्रदूषण कम करने के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप वाहनों का संचालन आवश्यक है। वाहन चालक दिल्ली में प्रवेश करने से पहले लागू नियमों की जानकारी लें और उनका पालन सुनिश्चित करें।