दुष्यंत चौटाला ने केंद्र सरकार पर बोला तीखा हमला, केवल गाड़ियां कम से नहीं होगी ईंधन की बचत
उचाना: हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने आज उचाना हलके के कई गांवों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, बढ़ती महंगाई और कृषि क्षेत्र की समस्याओं पर जोरदार हमला बोला।
बढ़ती महंगाई केवल पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं
बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि महंगाई केवल पेट्रोल और डीजल तक ही सीमित नहीं है। इन दिनों देश के आर्थिक हालत गंभीर स्थिति में है। केवल गड़ियां कम करने से ईंधन की बचत नहीं होती। वास्तविकता यह है कि देश में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता और किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। धान के सीजन में यूरिया की किल्लत भी शुरू हो गई है, जबकि बुआई से पहले डीएपी भी उपलब्ध नहीं है। खनन में इस्तेमाल होने वाले सल्फ्यूरिक एसिड की भी कमी है।
देश को विश्व गुरु बनाने की बात कहने वालों के शासनकाल में आर्थिक स्थिति हुई गंभीर
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सीएनजी के दाम चार रुपये और डीजल-पेट्रोल के दाम करीब आठ रुपये बढ़ चुके हैं। वहीं डॉलर की कीमत भी 97 रुपये के करीब पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश को विश्व गुरु बनाने की बात करते थे, उनके शासनकाल में सबसे ज्यादा अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।
केवल दो-चार गाड़ियां कम करने से कोई बड़ा बदलाव नहीं आने वाला
दुष्यंत चौटाला ने प्रधानमंत्री के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल दो-चार गाड़ियां कम करने से कोई बड़ा बदलाव नहीं आने वाला। प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और वाहन इस्तेमाल होते हैं, जिनमें भी ईंधन की खपत होती है। उन्होंने कहा कि ईंधन की खपत तो अभी होनी है, सरकार बिजली दे नहीं पाएगी और धान की फसल में पानी लगाने के लिए ट्यूबवेल का इस्तेमाल करना पढ़ेगा। खेत में ट्रैक्टर से काम करने के लिए किसान को डीजल की जरूरत पड़ेगी। यह चीज अंतरराष्ट्रीय तौर पर फेलियर है।
