नशा तस्करों की अब खैर नहीं, संपत्ति होगी अटैच, अवैध कब्जों की भी होगी जांच : उपायुक्त महेंद्र पाल
हिसार, 04 अगस्त।
जिले में नशा तस्करी के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार करने की दिशा में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त महेंद्र पाल ने मंगलवार को जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि नशा तस्करों के विरुद्ध केवल एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को भी अटैच किया जाए। साथ ही उनकी अवैध संपत्तियों और कब्जों का भी विस्तृत ब्यौरा तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में पुलिस विभाग ने जानकारी दी कि गत माह जिले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 28 मामले दर्ज किए गए, जिनमें दो मामले कमर्शियल क्वांटिटी से जुड़े हैं। इसके अलावा एनडीपीएस मामलों में नामजद आठ आरोपियों की संपत्तियां अटैच करने की कार्रवाई भी की गई है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि नशा तस्करों के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाए।
जिला औषधि नियंत्रक ने बैठक में बताया कि गत माह 98 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर 16 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि नशीली एवं प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रहे।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। समाज, शिक्षण संस्थानों, पंचायतों, युवा संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को साथ लेकर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा सके और उन्हें इस बुराई से दूर रखा जा सके। बैठक में उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि शहर और गांवों में खाली पड़ी, जर्जर अथवा कंडम इमारतों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवन कई बार नशाखोरों और असामाजिक तत्वों के अड्डे बन जाते हैं, इसलिए इन्हें समयबद्ध ढंग से ध्वस्त कर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने सभी विभागों से समन्वित प्रयासों के साथ नशा मुक्त हिसार के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान करते हुए कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन कानून के दायरे में रहकर हर संभव सख्त कार्रवाई करेगा।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, बरवाला एसडीएम अश्वीर नैन, सीएमजीजीए अनमोल, नगराधीश रोहित कुमार, एएसपी मयंक मुदगिल, जिला परिषद सीईओ सुभाष चंद्र, सिविल सर्जन डॉ सपना गहलावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
