मजबूत होगी जल निकासी व्यवस्था, 12.42 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली प्रशासनिक मंजूरी

 
मजबूत होगी जल निकासी व्यवस्था, 12.42 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली प्रशासनिक मंजूरी

 

   

चंडीगढ़, 13 अगस्त —  जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार प्रदेश में बारिश के पानी की सुचारू निकासी और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में अंबाला शहर में पुराने दिल्ली रोड पर जंडली फ्लाईओवर से पॉलिटेक्निक चौक तक नए स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण के लिए 12.42 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है।

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान जलभराव से लोगों को राहत देने के साथ-साथ ऐसी मजबूत एवं वैज्ञानिक जल निकासी व्यवस्था विकसित करना है, जो भविष्य में बढ़ती आबादी और शहरीकरण की जरूरतों को भी पूरा कर सके।

उन्होंने बताया कि अंबाला शहर में पुराने दिल्ली रोड के साथ मौजूदा ड्रेनों के ओवरफ्लो होने के कारण बारिश के दौरान सड़क पर पानी भराव होने और यातायात प्रभावित होने की समस्या सामने आ रही थी। ऐसे में इसके निदान के लिए ठोस कदम उठाए गए है।

मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब नए स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री घोषणा के तहत किए जाने वाले इस कार्य से पुराने दिल्ली रोड की बारिश के पानी की निकासी क्षमता बढ़ेगी और जलभराव की समस्या को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकेगा।

परियोजना को तकनीकी रूप से मंजूरी मिलने के बाद अब प्रशासनिक मंजूरी भी प्रदान कर दी गई है। 

मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 में अर्बन ड्रेनेज एंड फ्लड कंट्रोल के तहत 80 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। प्रदेश में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर परियोजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। इससे शहरी क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी बेहतर होने के साथ-साथ जलभराव और शहरी बाढ़ के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार विकास कार्यों को केवल वर्तमान जरूरतों के आधार पर नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ा रही है। आधुनिक एवं प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, ताकि प्रदेशवासियों को मानसून के दौरान बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।