झज्जर स्थित राजकीय पीजी नेहरू कॉलेज परिसर में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित

  "वीबीजी राम जी"  बने विकसित ग्राम का आधार : डॉ. चौहान, नई योजना पर जिला पंच सम्मेलन में मंथन
 
 झज्जर स्थित राजकीय पीजी नेहरू कॉलेज परिसर में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित


झज्जर,07 अगस्त।
  पंचायत प्रतिनिधि जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि प्रत्येक गांव विकास और सुशासन का आदर्श बन सके। ये टिप्पणी हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने की। डॉ चौहान शुक्रवार को राजकीय पीजी नेहरू  कॉलेज  में आयोजित विकसित भारत जी राम जी अधिनियम-2025 के अंतर्गत जिला स्तरीय पंच सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में जिले के सरपंच, पंच, पंचायत समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

वीबीजी राम जी अधिनियम-2025 से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा
निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांव आत्मनिर्भर, सशक्त और विकास की मुख्यधारा से जुड़े होंगे। उन्होंने कहा कि वीबीजी राम जी अधिनियम-2025 ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से रोजगार, पारदर्शिता और स्थायी विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से जनभागीदारी के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है और जब पंचायतें सशक्त, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनेंगी, तभी आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण संभव होगा। उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, जिसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है तथा स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष बल दिया गया है, जिससे गांवों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि सशक्त पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे गांवों में नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ आमजन को जागरूक  करें।

पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से ही ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
जिला परिषद  के चेयरमैन कप्तान बिरधाना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा और गांवों का समग्र विकास संभव होगा।
पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ाने में समय समय पर प्रशिक्षण जरूरी
जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट  ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को नवीन कानूनों एवं विकास योजनाओं की समुचित जानकारी देकर उन्हें अधिक सक्षम बनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सम्मेलन पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम के समन्वयक एवं हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के सहायक आचार्य कमलदीप सांगवान ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को विकसित भारत–वीबीजी राम जी अधिनियम-2025 के प्रावधानों, पंचायतों की जिम्मेदारियों तथा ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन की व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना है।
 
यह गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर डीडीपीओ निशा तंवर  बीडीपीओ मातनहेल डॉ अंजली शर्मा,सुमित बेनीवाल बीडीपीओ बादली, बीडीपीओ झज्जर भारती शर्मा, बीडीपीओ बेरी धर्मपाल, ब्लॉक समिति चेयरपर्सन साल्हावास, डॉ. नीलम छिकारा (प्लानिंग एंड मैनेजमेंट डेवलपमेंट एक्सपर्ट, एसपीआरसी)परियोजना अधिकारी लखविंदर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।